नयी दिल्ली, छह अक्टूबर (ए) हरियाणा के एक राज्यसभा सदस्य ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र से सम्मानित करने का अनुरोध किया। कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए गंभीर रूप से चाकू से घायल होने के बावजूद अपने सह-पायलट द्वारा इजराइल जा रही उड़ान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश को नाकाम कर दिया था।
मोदी को लिखे अपने पत्र में निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मच्छार ने गंभीर खतरे के बीच अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई।
शर्मा ने कहा कि हरियाणा के प्रतिनिधि के रूप में, जिस धरती ने राष्ट्र की सेवा में अपने बेटे-बेटियों के शौर्य पर हमेशा गर्व किया है, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मच्छार के अद्वितीय साहस को देखकर उन्हें गहरा सम्मान और विस्मय महसूस हुआ।
उन्होंने कहा कि अशोक चक्र शांति के समय दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च वीरता सम्मान है, जो युद्धक्षेत्र से बाहर ‘‘असाधारण बहादुरी’’ या वीरता और आत्म-बलिदान के उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है, और खास बात यह है कि इसके लिए आम नागरिक भी पात्र हो सकते हैं।
उन्होंने पत्र में कहा, ‘‘अतः मैं भारत सरकार से सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि कैप्टन स्मित मच्छार के असाधारण साहसिक कार्य को देखते हुए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने पर विचार किया जाए।’’
शर्मा ने कहा, ‘‘उनके कार्य नि:स्वार्थ भाव, दृढ़ता और मानवता के प्रति समर्पण के सर्वोच्च आदर्शों को दर्शाते हैं। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करना न केवल एक सच्चे राष्ट्रीय नायक का सम्मान होगा, बल्कि युवाओं को यह सशक्त संदेश भी देगा कि साहस वर्दी, सीमाओं और पेशे की सीमाओं से परे होता है।’’
