इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ईंधन की खपत घटाने के लिए मितव्ययिता के कई उपाय किए

राष्ट्रीय
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प्रयागराज: पांच जून (ए)) संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने और ईंधन की खपत घटाने की दिशा में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मितव्ययिता के कई उपाय शुरू किए हैं।

भारत के प्रधान न्यायाधीश के पत्र और भारत सरकार के आधिकारिक ज्ञापन के आलोक में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा ये उपाय शुरू किए गए हैं।

ईंधन का महत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए रजिस्ट्री अधिकारियों ने स्वयं के बीच कार पूलिंग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है। वहीं, प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारियों को कार या अन्य वाहनों की पूलिंग करने को कहा गया है।

इसके अलावा, प्रशासन ने कर्मचारियों को जहां तक संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही, इलाहाबाद और लखनऊ पीठों से समितियों की बैठकें ऑनलाइन माध्यम से कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है।

वहीं, अदालती कार्यवाही के लिए ‘हाइब्रिड’ माध्यम अपनाया जा सकता है जो अदालतों या न्यायाधीशों के विवेक पर निर्भर करेगा। अधिवक्ताओं को मामलों में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश होने की सलाह दी गई है। बार के पदाधिकारियों से इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया गया है जिससे अदालतों में भीड़ घटाई जा सके।

अदालतों के ‘हाइब्रिड’ (ऑनलाइन और ऑफलाइन) कामकाज की सुविधा के लिए उच्च न्यायालय ने पूछताछ के लिए एक समर्पित ईमेल आईडी बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिवक्ताओं की मदद के लिए दो समर्पित हेल्पलाइन नंबर शुरू किए जाएंगे।