पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार किया

राष्ट्रीय
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कोलकाता: चार मई (ए)) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी रहने के बीच बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, भाजपा ने 156 सीट पर जीत हासिल कर ली है, जबकि 52 सीट पर उसके उम्मीदवार आगे हैं।

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 सीट के लिए मतों की गिनती जारी है और बहुमत का आंकड़ा घटकर 147 हो गया है।

राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। शुरुआती रुझानों में भाजपा की बढ़त इस आंकड़े को पार करने के साथ संभावित बड़ी सफलता की ओर इशारा कर रही है।

प्रारंभिक आंकड़े ऐसे संभावित परिणाम का संकेत देते हैं जिससे कड़े मुकाबले वाले चुनावों के बाद राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आ सकता है। ये आंकड़े भौगोलिक रूप से बंटे जनादेश की तस्वीर भी दिखा रहे हैं। भाजपा सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में आगे बढ़ती दिख रही है जबकि तृणमूल कोलकाता के कुछ हिस्सों और चुनिंदा ग्रामीण गढ़ों में अपनी पकड़ बनाए हुए है।

राज्य की 293 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना सुबह आठ बजे डाक मतपत्रों की गिनती से शुरू हुई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए डाले गए मतों की गिनती की गई।

भारत निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी का हवाला देते हुए चुनाव रद्द कर दिया था। इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा जबकि मतगणना 24 मई को होगी।

इस चुनाव को बनर्जी के लगातार चौथी बार सत्ता में आने के प्रयास की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आक्रामक प्रचार अभियान चलाने वाली भाजपा 2021 में मिली बढ़त को निर्णायक सफलता में बदलने की कोशिश कर रही है।

व्यापक रुझान भाजपा के पक्ष में दिखने के बावजूद बनर्जी अपने गढ़ भवानीपुर में आठ दौर की मतगणना के बाद भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से 15,494 मतों से आगे हैं। प्रतिष्ठा का सवाल बनी इस सीट पर यह रुझान तृणमूल के लिए राहत की बात है।

भवानीपुर के मुकाबले में सुबह तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बनर्जी पहले दौर में आगे थीं, वह दूसरे दौर में पीछे हो गईं और तीसरे दौर में फिर बढ़त हासिल कर ली। छठे दौर की मतगणना के बाद बनर्जी को 35,522 और अधिकारी को 20,028 मत मिले हैं।

हालांकि, दूसरे प्रमुख चुनावी मैदान नंदीग्राम में अधिकारी छह दौर की मतगणना के बाद तृणमूल के पवित्र कर से 7,379 से अधिक मतों से आगे हैं।

मतगणना के रुझान राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में गहरे बदलाव का संकेत भी दे रहे हैं।

2011 से लगातार सत्ता में रही तृणमूल के लिए मौजूदा आंकड़े उस राजनीतिक ढांचे के संभावित कमजोर पड़ने का संकेत देते हैं, जो केंद्रीकृत नेतृत्व, कल्याणकारी योजनाओं और लगातार बूथ-स्तरीय लामबंदी पर आधारित रहा है।

मत प्रतिशत के रुझानों में भी इस बदलाव का पैमाना दिख रहा है। भाजपा का मत प्रतिशत बढ़कर करीब 44.8 प्रतिशत हो गया है, जो 2021 की तुलना में तेज बढ़ोतरी है, जबकि तृणमूल का मत प्रतिशत घटकर लगभग 41.7 प्रतिशत रह गया है।

भाजपा उन सभी सीटों पर अपनी पकड़ बनाए हुए है जो उसने 2021 में जीती थीं और उन 120 सीट में से कई पर सेंध लगाती दिख रही है, जिन पर पहले तृणमूल का दबदबा था। यह किसी अस्थायी रुझान के बजाय गहरे और व्यवस्थित बदलाव की ओर संकेत करता है।

राज्यभर से आ रहे शुरुआती रुझानों में तृणमूल के कई दिग्गज पीछे हैं जिससे सत्तारूढ़ खेमे में चिंता बढ़ गई।

कूचबिहार जिले की दिनहाटा सीट पर मंत्री उदयन गुहा 24 में से 14 दौर की मतगणना के बाद भाजपा के अजय राय से 12,736 मतों से पीछे है।

तृणमूल के मानस रंजन भुइयां पश्चिम मेदिनीपुर जिले की साबंग सीट पर पीछे हैं, जहां से वह पहले सात बार चुनाव जीत चुके हैं। वह 10 दौर की मतगणना के बाद भाजपा के अमल कुमार पांडा से 3,691 मतों के अंतर से पीछे हैं।

कोलकाता के श्यामपुकुर में भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती तृणमूल की मंत्री शशि पांजा से 4,007 मतों से आगे हैं जिससे शहरी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सत्तारूढ़ दल के लिए शुरुआती चुनौती के संकेत मिले।

मांटेश्वर में भाजपा के सैकत पांजा तृणमूल के सिद्दीकुल्ला चौधरी से 6,976 मतों से आगे हैं जबकि आसनसोल दक्षिण में भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल 30, 324 मतों से बढ़त बनाए हुए हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी बरुईपुर पश्चिम सीट पर 15,211 मतों से आगे हैं।

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद दिलीप घोष अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल के प्रदीप सरकार से आगे हैं।

बिधाननगर निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल के चार बार के विधायक और पश्चिम बंगाल के निवर्तमान मंत्री सुजीत बोस, भाजपा के शरोद्वत मुखर्जी से 10,750 वोटों के अंतर से पीछे हैं।

उत्तर बंगाल के सबसे बड़े शहर सिलीगुड़ी में भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष तृणमूल कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गौतम देब से आगे हैं।

उत्तर बंगाल के सीतलकुची निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार साबित्री बर्मन आगे हैं।

पश्चिम बंगाल के मंत्री अरूप बिस्वास टॉलीगंज सीट पर मामूली अंतर से पीछे हैं। पांच चरणों की मतगणना के बाद, बिस्वास भाजपा की पापिया अधिकारी से 624 मतों से पीछे हैं।

भाजपा दिनहाटा, गोसाबा, बाघमुंडी, बांकुड़ा, दुर्गापुर पूर्व, बिनपुर, नयाग्राम, राजगंज और भगवानगोला सहित कई निर्वाचन क्षेत्रों में आगे है। इससे जंगलमहल, उत्तर बंगाल और औद्योगिक पट्टियों में उसे समर्थन मिलता दिख रहा है।

तृणमूल देगंगा जैसे क्षेत्रों के अलावा कस्बा, बालीगंज, भवानीपुर और एंताली जैसी शहरी सीटों तथा सिंगुर, रैना, जमालपुर, खंडघोष, सिताई, मालतीपुर और मोथाबाड़ी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है।

मुर्शिदाबाद जिले के दोमकल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) आगे है जबकि दक्षिण 24 परगना के मिनाखान में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) बढ़त बनाए हुए है। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद की नवादा सीट पर नौ दौर की मतगणना के बाद तृणमूल के अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 11,828 मतों से आगे हैं और अभी कई दौर की मतगणना बाकी है।