नई दिल्ली, 15 फरवरी (ए) उत्तरी दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में 35 वर्षीय व्यवसायी की हत्या के सिलसिले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को रोका। चुनौती दिए जाने पर आरोपियों ने कथित तौर पर भागने के प्रयास में पुलिस दल पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिससे संक्षिप्त मुठभेड़ हुई।गोलीबारी के दौरान, एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे काबू में कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अन्य को बाद में गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या पांच हो गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान उनके किसी भी जवान को गंभीर चोट नहीं आई।
प्लास्टिक दाना निर्माता वैभव गांधी की नौ फरवरी को दोपहर करीब 12.50 बजे डीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर चार में स्थित उनके कारखाने के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई।
जांचकर्ताओं ने बताया था कि हमले में चार लोग शामिल थे। हमलावरों ने कथित तौर पर पहले पीड़ित की कार की चाबियां छीनने की कोशिश की और जब उसने विरोध किया तो उसका लैपटॉप बैग जबरदस्ती छीन लिया और फिर उसे करीब से गोली मार दी।
घटना के बाद पुलिस ने गांधी की कार से करीब एक करोड़ रुपये भी बरामद किए थे।
हत्या के एक दिन बाद, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम से कथित तौर पर जारी एक सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी ली गई। ‘रणदीप मलिक अनिल पंडित’ नाम के एक अकाउंट से की गयी इस पोस्ट में दावा किया गया कि हत्या लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी मान, हाशिम बाबा और काला राणा सहित कई गिरोहों की ओर से की गई थी।
पुलिस ने बताया कि पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि गांधी गिरोह की गतिविधियों में हस्तक्षेप कर रहे थे और उनके संचालन में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को इसी तरह के परिणामों की चेतावनी दी गई थी।
जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने गांधी का करीब 40-50 मीटर तक पीछा किया और कई गोलियां चलाईं। एक गोली उनकी ठोड़ी पर लगी, जिससे वे गिर पड़े। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।