नयी दिल्ली: आठ मई (ए)
) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) विशाखापत्तनम ने रेलवे के एक डॉक्टर और दो लोको पायलट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि दोनों लोको पायलट ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर अनुचित लाभ पाने के लिए अनुकूल मेडिकल रिपोर्ट हासिल करने के बदले डॉक्टर को रिश्वत दी। यह मामला दक्षिण मध्य रेलवे जोन से जुड़ा है।
अधिकारियों ने दावा किया कि यह ‘‘रेलवे जोन में व्याप्त भ्रष्टाचार’’ की सिर्फ एक झलक है, जहां कथित तौर पर डॉक्टर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के बदले कर्मचारियों से रिश्वत लेते हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारी इन रिपोर्ट का इस्तेमाल लंबी छुट्टी प्राप्त करने या चिकित्सकीय रूप से श्रेणी से बाहर होने के लिए करते हैं, जिससे वे कठिन ‘फील्ड ड्यूटी’ से कार्यालय-आधारित भूमिकाओं में स्थानांतरित हो सकते हैं।