संभल: 30 जून (ए)
) उत्तर प्रदेश के संभल जिले में करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की ग्राम सभा की जमीन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में पूर्व अधिकारियों समेत 31 नामजद लोगों और कुछ अज्ञातों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, यह मामला संभल-मुरादाबाद रोड स्थित तख्तगुशाईन गांव की ग्राम सभा की करीब 2.367 हेक्टेयर भूमि के कथित फर्जी आवंटन, नामांतरण और अवैध कब्जे से जुड़ा है जिसकी बाजार में वर्तमान कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश के बाद राजस्व अधिकारी स्पर्श गुप्ता की शिकायत के आधार पर संभल कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई.संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर 1967 के फर्जी पट्टा दस्तावेजों के आधार पर 2008 में जमीन का नामांतरण कराया और उस पर कब्जा कर लिया।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई प्रशासनिक जांच के बाद की गई, जिसमें मामले में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं।
प्राथमिकी में नामजद लोगों में चकबंदी के पूर्व उपनिदेशक खेम सिंह खड़क, संभल नगर परिषद के पूर्व अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता, पूर्व नगर मानचित्रकार शहाबुद्दीन, न्यायालय के प्रतिनिधि माजिद खान, कथित पट्टाधारक सईदुल रहमान खान और उनके कानूनी वारिस शामिल हैं।
अन्य नामजद आरोपियों में इबादुर्रहमान खान, एहसानुर्रहमान खान, शाहजहां बेगम, इफ्तआरा, तारिक अली, फरीक अली, शाकिर अली, शारिक अली, साजिद अली, शारिक शबूर, मोहम्मद मुजाहिद, रफीक, शाहजहां, अख्तरी, मोहम्मद उमर, मुनाजिर, मोहम्मद अजीम, धर्मेंद्र, मधु खुराना, विजय गुप्ता, रूपाली गुप्ता, फुरकान, इमरान, आजम खान, प्रदीप कुमार अग्रवाल, मकसूद आलम वारसी और हरजीत सिंह शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और उसके निष्कर्षों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।