एथनॉल मिश्रण की शिकायतों पर कर्नाटक में 67 स्थानों से पेट्रोल के नमूने लेकर जांच की गई : शिवकुमार

राष्ट्रीय
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बेंगलुरु: आठ नवंबर (ए) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को कहा कि पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बढ़ाए जाने से वाहनों के इंजन के प्रदर्शन पर असर पड़ने की शिकायतों के बाद राज्य में 67 स्थानों से पेट्रोल के नमूने लेकर उनकी जांच की गई है।

शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पेट्रोल में 31.5 प्रतिशत एथनॉल मिलाए जाने से जुड़ी शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में संबंधित मंत्री को जरूरी निर्देश दिए गए हैं और केंद्र सरकार को भी जानकारी भेजी गई है।’’

उन्होंने कहा कि हजारों वाहन चालकों ने कई तरह की समस्याओं की शिकायत की है जिनमें वाहनों का माइलेज कम होना और चलते समय इंजन बंद हो जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जांच केवल पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एथनॉल के मिश्रण और वितरण के विभिन्न चरणों में भी निरीक्षण किया गया तथा मिश्रण कहां और किस तरह किया जा रहा था, इससे संबंधित दस्तावेज भी जुटाए गए हैं।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘संबंधित मंत्री सोमवार को आधिकारिक रूप से प्रेस वार्ता करेंगे और जांच रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी देंगे।’’

इस मुद्दे के समाधान की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालते हुए उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। वाहनों का माइलेज, ईंधन की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि हैं।’’

शिवकुमार ने कहा, ‘‘केवल इसलिए मिश्रण का अनुपात बढ़ाना उचित नहीं है कि एथनॉल कम कीमत पर उपलब्ध है और इससे मुनाफा कमाया जा सकता है। इससे आम लोगों को परेशानी होना स्वीकार्य नहीं है।’’

शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार इन शिकायतों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा तथा जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया।