गडकरी ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावे को खारिज किया

पटना बिहार
Spread the love

पटना, एक अक्टूबर (ए) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को उन दावों को खारिज किया कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से देश में चल रहे मोटर वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है।

गडकरी ने कहा कि एथनॉल मिश्रण के जरिये कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्र की दिशा में विविधीकृत किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘संबंधित विभाग का मंत्री होने के नाते मैं जानता हूं कि सभी प्रमुख वाहन कंपनियों ने अपने वाहनों को 100 प्रतिशत एथनॉल के जरिये चलाकर भी देखा है और कोई शिकायत सामने नहीं आई है।’’

गडकरी ने यहां ‘‘बिहार इन्वेस्टर समिट 2026 : द इमर्जिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया’’ का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे गडकरी ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 से चार करोड़ चार-पहिया और 20 करोड़ दोपहिया वाहन एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के माध्यम से चल रहे हैं। मैं किसी को भी चुनौती देता हूं कि वह शिकायत करके दिखाए कि इसके कारण उसके वाहन को नुकसान हुआ है। बेशक, निहित स्वार्थ वाले लोग कोई और कहानी बता सकते हैं।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने का निर्णय कृषि का ऊर्जा एवं बिजली क्षेत्रों की दिशा में विविधीकरण करने के उद्देश्य से लिया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें समझना होगा कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने का फैसला कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्र की दिशा में विविधीकृत करने के उद्देश्य से लिया गया था। हमारे किसान अब केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बनेंगे।’’

गडकरी ने कहा कि भारत 22 लाख करोड़ रुपये मूल्य के पारंपरिक ईंधन का आयात कर रहा है और जिन लोगों को लगता है कि उनके कारोबार पर इसका असर पड़ेगा, वे निश्चित तौर पर इससे चिंतित होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मक्के से एथनॉल बनाने और उसके इस्तेमाल का फैसला किए जाने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों की अतिरिक्त आय में 45,000 करोड़ रुपये तक की वृद्धि हुई।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह उन लोगों के हितों को पूरा करने से बेहतर नहीं है, जिनसे हम ईंधन आयात करते हैं?’’

गडकरी ने कहा कि सरकार भविष्य को ध्यान में रखकर काम कर रही है और उसने धान की भूसी से विमान ईंधन भी तैयार किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य नवाचार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान का है। बिहार जैसे राज्य को इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।’’

बिहार के एक दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उन्होंने राज्य में अपार संभावनाएं देखी हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर उत्पादित होने वाले मखाने जैसे उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बहुत अधिक है।

गडकरी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को छुएगा।’’

अपने संबोधन में चौधरी ने निवेशकों से ‘‘बिहार में विश्वास करें और बिहार में निर्माण करें’’ का आह्वान किया।