ईरान ने होर्मुज फिर किया बंद, इजराइली हमले के बाद लिया फैसला

अंतरराष्ट्रीय
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तेहरान-तायर (लेबनान) ,20 जून (ए)।  लेबनान में इज़राइल के हमले जारी रहने से नाराज ईरान ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की घोषणा की और यह भी कहा कि हालांकि उसके वार्ताकार बातचीत के लिए स्विट्ज़रलैंड जा रहे हैं, लेकिन वहां से ज़्यादा कुछ हासिल होने की उम्मीद नहीं है।  इस बीच, प्रमुख मध्यस्थ पाकिस्तान ने कहा कि तकनीकी स्तर की बातचीत रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में शुरू होगी, जिसमें कतर के मध्यस्थ भी शामिल होंगे। ईरान की संयुक्‍त सैन्‍य कमान ने आज घोषणा की कि होर्मुज जल-डमरू-मध्‍य को फिर से बंद कर दिया गया है। लेबनान पर इजराइल की सैन्‍य कार्रवाई जारी रहने का हवाला देते हुए यह फैसला किया गया है। ईरान ने कहा है कि यह संघर्ष खत्‍म करने की प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने में अमरीका विफल रहा है और इससे उस पर विश्‍वास कम हुआ है।  ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद करने का एलान किया है।

सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में संयुक्‍त सैन्‍य कमान ने चेतावनी दी कि यदि इजराइल के हमले जारी रहे तो और उपाय किए जाएंगे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब इस सप्‍ताह के शुरू में अमरीका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते के बाद होर्मुज के रास्‍ते वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई थी।इस बीच, दक्षिणी लेबनान पर इजराइल के हवाई हमलों में दो बच्‍चों सहित कम से कम 16 लोग मारे गए। संघर्ष विराम समझौते की खबरों के कुछ घंटे बाद ही ये हमले हुए। लेबनान की राष्‍ट्रीय न्‍यूज एजेंसी ने बताया कि हमलों में नाबतियेह शहर और पडोस के कईं गावों को निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि कम से कम सात लोग मलबे में दबे हैं।

। माना जा रहा है कि ईरान की तरफ से इस कदम के बाद इलाके में तनाव बढ़ सकता है। ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान का कहना है कि उसने दक्षिणी लेबनान पर इस्राइल के हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। ईरान ने इन हमलों को अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन बताया है। सरकारी टीवी पर जारी एक बयान में ‘खतम-अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने कहा, ‘इसके जरिए घोषणा की जाती है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया जाएगा; यह ध्यान दिया जाए कि यह पहला कदम दुश्मन द्वारा किए गए वादे के उल्लंघन का जवाब है, और अगर आक्रामकता जारी रहती है, तो दुश्मन को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए मजबूर करने के लिए आगे के कदम उठाए जाएंगे’।