अयोध्या (उप्र): सात नवंबर (ए) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगवान श्रीराम को भारत की राष्ट्रीय चेतना की नींव बताते हुए शनिवार को कहा कि उन्होंने ही यह संदेश दिया कि समाज में कोई भी व्यक्ति उपेक्षित नहीं रहना चाहिए।
यहां रामकथा पार्क में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राजतिलक के बाद 10वें दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार और जीवन-मूल्य हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भगवान राम सिर्फ एक नाम नहीं हैं। राम एक विचार हैं, राम एक जीवन-मूल्य व्यवस्था हैं, राम भारत की आत्मा हैं और हमारी राष्ट्रीय चेतना की नींव हैं।’’
राज्यपाल ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली ‘‘डबल इंजन’’ की सरकारों की सराहना करते हुए कहा कि आज अयोध्या अपनी आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का विकास हो रहा है। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।’’
पटेल ने कहा कि अयोध्या की पहचान अब केवल मंदिरों और तीर्थस्थलों तक सीमित नहीं है। यहां रामलीला, संस्कृति, संगीत, साहित्य, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक विरासत को भी महत्व मिल रहा है। सरयू नदी की धारा हमारी सांस्कृतिक चेतना की साक्षी है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि दीपोत्सव का वास्तविक संदेश तभी सार्थक होगा, जब दीपों का प्रकाश प्रकृति के संरक्षण और समाज के कल्याण का माध्यम भी बने।
राज्यपाल ने कहा, ‘‘आज केंद्र और प्रदेश सरकार का लक्ष्य यही है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज परिस्थितियां बदल रही हैं। पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है, उसकी बात सुन रहा है और उसे स्वीकार कर रहा है। यह परिवर्तन 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का प्रतीक है।’
