मुंबई: 19 मई (ए) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्वयंभू ‘बाबा’
अशोक खरात को मंगलवार को अदालत की मंजूरी के बाद 70 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया।
बलात्कार और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे खरात को नासिक जेल से एक पेशी वारंट पर विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां वह न्यायिक हिरासत में है।केंद्रीय जांच एजेंसी ने खरात को गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
अनिवार्य औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगा और बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने छह अप्रैल को खरात के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।
ईडी ने खरात के खिलाफ नासिक पुलिस द्वारा दर्ज की गईं एक प्राथमिकी का संज्ञान लिया था।
खरात के खिलाफ बलात्कार और महिलाओं के यौन शोषण से संबंधित कई प्राथमिकी भी दर्ज हैं। उत्तरी महाराष्ट्र की नासिक पुलिस ने उसे 18 मार्च को तब गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था।
जांच एजेंसी ने खरात पर बड़े पैमाने पर जबरन वसूली रैकेट चलाने और बेनामी बैंक खातों के माध्यम से 70 करोड़ रुपये से अधिक का धनशोधन करने का आरोप लगाया है।
बेनामी बैंक खाते वे होते हैं जो एक व्यक्ति के नाम पर होते हैं, जबकि पैसा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जमा किया जाता है या कानूनी रूप से किसी अन्य व्यक्ति के स्वामित्व में होता है।
ईडी ने दावा किया कि खरात पर आरोप है कि उसने अहिल्यानगर जिले की समता नगरी सहकारी ऋण समिति में एक ही दिन में पीड़ितों के दस्तावेजों का बिना उनकी सहमति के इस्तेमाल करते हुए 60 खाते खोले और 70 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन किए।
नासिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है।