कोलकाता: 24 जुलाई (ए) नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन का असर शुक्रवार को कोलकाता में भी महसूस किया गया जहां प्रदर्शन के दौरान वाम समर्थित प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
प्रदर्शनकारियों ने एस्प्लेनेड इलाके में डोरिना चौराहे को जाम कर दिया और वर्दी पहने पुलिसकर्मियों पर जूते और पानी की बोतलें फेंकीं।
कामकाजी दिवस पर अहम रास्तों से प्रदर्शनकारियों को हटाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अब तक की जानकारी के अनुसार, रानी रासमणि मार्ग के दोनों तरफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरना दे रहे थे।
पुलिस द्वारा भीड़ को हटाने के बाद यह धरना शुरू हुआ। इस भीड़ ने लगभग 45 मिनट तक व्यस्त चौराहे को अवरूद्ध रखा था, जिसके हटने के बाद उस इलाके और उसके आस-पास यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।
पुलिस ने बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का समर्थक होने का दावा करने वाले प्रदर्शनकारियों का एक गुट, जिसने अलग से विरोध मार्च निकालने की पुलिस से इजाज़त न मिलने पर अपनी रैली रद्द कर दी थी, धर्मतला में रैली के समापन स्थल पर वामपंथी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हो गया।
हालात को बेकाबू होने से रोकने के लिए शहर पुलिस का विशेष दस्ता, आरएएफ और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी मौके पर तैनात रही।
प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे।
विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद एसएफआई के एक नेता ने कहा, ‘‘हम इस जगह पर अपना धरना जारी रखेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की अपनी मांग पर अड़े रहेंगे। अगर यह मांग पूरी नहीं हुई, तो यह आंदोलन राज्य के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाएगा।’’
इसके पहले दोपहर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए वामपंथी छात्र संगठनों ने एक रैली निकाली।
यह मार्च मध्य कोलकाता में सियालदह से एस्प्लेनेड तक निकाला गया। इसका मकसद मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी छात्र आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाना था।
हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने प्रधान के इस्तीफे, नीट आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती का शिकार हुए छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की और नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) की मांगों का समर्थन किया, जो नीट पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही है।
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के नाम पर तोड़-फोड़ और अराजकता फैलाने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें थोड़ा और समय दें, बंगाल की धरती से राष्ट्र-विरोधी तत्वों को उखाड़ फेंकने का काम शुभेंदु अधिकारी की सरकार करेगी। हमारे पास इन तत्वों के बारे में जरूरी सारी जानकारी है और तोड़-फोड़ की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। छात्रों को अपने-अपने संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मनाना चाहिए। बंगाल ऋषि अरबिंद की धरती है और हम यहां अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’