संत रविदास की 650वीं जयंती पर भाजपा निकालेगी जालंधर से वाराणसी तक समरसता यात्रा

उत्तर प्रदेश लखनऊ
Spread the love

लखनऊ: 31 अक्टूबर (ए) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए 18 नवंबर से जालंधर से वाराणसी तक यात्रा निकालेगी।

आठ राज्यों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा कुल 2,558 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने शनिवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में यात्रा की रूपरेखा और इससे जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी।

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह और अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश राम सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

आर्य ने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत यह यात्रा चौथे चरण में निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य संत रविदास के सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, श्रम की महत्ता और आपसी सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि 18 नवंबर को जालंधर से शुरू होने वाली यह यात्रा तीन दिसंबर को वाराणसी पहुंचेगी। इस दौरान यह पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्यों से होकर गुजरेगी।

आर्य के अनुसार, यात्रा के दौरान प्रतिदिन आठ तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनमें प्रमुख पड़ावों, शहरों और जिला मुख्यालयों पर स्वच्छता अभियान चलाना, मंदिरों में संत रविदास की तस्वीर स्थापित करना और अनुसूचित वर्ग के प्रबुद्ध लोगों के साथ संवाद करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग में विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की जाएगी।

आर्य ने बताया कि यात्रा के दौरान विधानसभा स्तर पर स्वागत समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा जिलों और प्रमुख नगरों में सभागार कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक दिन शाम को बड़ी जनसभाओं के साथ समरसता भोज भी आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह यात्रा सहारनपुर, बागपत, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली और प्रयागराज से होते हुए वाराणसी पहुंचेगी।