दिल्ली: एसआईआर के तहत जारी 33.14 लाख नोटिस में से 94 प्रतिशत से अधिक का निपटारा हुआ

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: 27 अक्टूबर (ए) दिल्ली में मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को जारी किए गए 33.14 लाख नोटिस में से 31.26 लाख से अधिक यानी 94.34 प्रतिशत का निपटारा कर दिया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

कार्यालय ने बताया कि इन मतदाताओं के नाम चार दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए रखे गए हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा समाप्त होने में केवल तीन दिन शेष हैं।

कार्यालय ने बताया कि बाकी नोटिस का निपटारा भी निर्धारित समयसीमा से पहले कर दिया जाएगा।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 31 अगस्त को 70 विधानसभा क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूचियां प्रकाशित होने के साथ शुरू हुई थी।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है।

मसौदा मतदाता सूची में नाम शामिल 33.14 लाख मतदाताओं को जारी नोटिस का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है।

एसआईआर प्रक्रिया 30 जून को शुरू होने के समय दिल्ली में कुल एक करोड़ 45 लाख 10 हजार 299 मतदाताओं को गणना फॉर्म दिए गए थे, इनमें से 17 अगस्त तक 97 लाख 53 हजार 577 मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए थे।

इनके नाम 31 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए गए। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, फॉर्म जमा नहीं करने वाले 47 लाख 56 हजार 722 मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए गए। कुल 97.53 लाख मतदाताओं में से 33 लाख 14 हजार 32 मतदाताओं की पहचान प्रणाली के जरिये की गई, जिन्हें नोटिस जारी किए गए।

कार्यालय ने बताया कि इनमें 13 लाख 79 हजार 789 ऐसे मामले थे, जिनमें मतदाता वर्ष 2002 में हुए पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से अपना मिलान नहीं कर सके थे।

इसके अलावा, 19 लाख 34 हजार 243 मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गई थीं।

बयान के अनुसार, नोटिस के निपटारे के लिए विशेष शिविर लगाए गए और बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के घर गये।

बयान में बताया गया कि कुल 31,26,576 नोटिस यानी 94.34 प्रतिशत का निपटारा कर दिया गया है और संबंधित नामों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए रखा गया है।

बयान के अनुसार, तार्किक विसंगतियों से जुड़े बाकी मामलों का निपटारा 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा।