लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं पर डालना अनुचित: रेखा गुप्ता

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (ए) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं पर नहीं डालनी चाहिए और इस बारे में समाज को सोच बदलने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लड़कियों को संकट की स्थिति में अपनी सुरक्षा करने के लिए तैयार करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और निर्भीकता भी विकसित करता है।

गुप्ता ने एक बार फिर दोहराया कि लड़कियों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय लड़कों और पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के बयान मुताबिक, उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में शताब्दी शैक्षणिक भवन, कंप्यूटर केंद्र और कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन करने के बाद की।

गुप्ता ने महिला सुरक्षा के संबंध में कहा कि दिल्ली में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने और उन्हें नियंत्रण एवं कमान केंद्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है ताकि खराब लाइटों की तुरंत पहचान कर निर्धारित समयसीमा में उन्हें ठीक कराया जा सके और अंधेरे वाले स्थानों को कम कर सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहल का उद्देश्य निगरानी व्यवस्था मजबूत करना और महिलाओं सहित सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल उन पर डालना उचित नहीं है। समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और लड़कियों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय लड़कों और पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना होगा।”

उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि कोई उनके साथ दुर्व्यवहार करता है या उन्हें डराने की कोशिश करता है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने छात्राओं से अपने फैसले स्वयं लेने का साहस विकसित करने, सही-गलत की अपनी समझ पर भरोसा रखने और आत्मविश्वास के साथ अपने चुने हुए रास्ते पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

गुप्ता ने यह भी कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए सक्षम बनाना है।

बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने ‘मिस डीआरसी टैलेंट हंट’ की शुरुआत कर छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान महिला विकास समिति की छात्राओं ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान महिला विकास समिति की छात्राओं ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया।

बयान के अनुसार, गुप्ता इसी कॉलेज की पूर्व छात्रा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज छात्रसंघ की महासचिव बनने के साथ उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, दौलत राम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सविता रॉय समेत अन्य मौजूद थे।