झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन 14वें दिन भी जारी, प्रदर्शनकारी करेंगे विधानसभा तक मार्च

झारखण्ड रांची
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रांची: सात अगस्त (ए) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा।

राज्य में छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं और दो छात्र संगठनों ने मानसून सत्र के बीच शुक्रवार को राज्य विधानसभा तक मार्च निकालने की घोषणा की है। यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब गतिरोध बरकरार है। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर चर्चा करने और मुद्दों का समाधान निकालने के लिए राज्य सरकार की ओर से उन्हें कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीशों के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश की। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने गतिरोध दूर करने के लिए सरकार से वार्ता के वास्ते बृहस्पतिवार को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया।

‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) और ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन’ (एआईएसएफ) के विधानसभा के समक्ष प्रस्तावित धरने के मद्देनजर विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।

आंदोलन की गूंज बृहस्पतिवार को झारखंड विधानसभा में भी सुनाई दी। मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी की।

जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को शुरू हुआ यह प्रदर्शन हालिया वर्षों में राज्य में छात्रों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बन गया है।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल में दो महिलाओं समेत पांच प्रदर्शनकारी मंगलवार रात शामिल हो गए। महतो पिछले छह दिनों से अनशन पर हैं।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हाल में दिल्ली में 26 दिन की भूख हड़ताल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को महतो से फोन पर बात की और उनसे आग्रह किया कि वे कम से कम पानी पी लें। इसके बाद महतो ने पानी पीना शुरू कर दिया।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं में शामिल राहुल क्रांति ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की थी लेकिन सुबह साढ़े आठ बजे तक कोई चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहे ब्रह्मानंद नामक एक आंदोलनकारी बृहस्पतिवार को प्रदर्शन स्थल पर दिखाई नहीं दिए।

वांगचुक ने झारखंड के मुख्यमंत्री से मामले का जल्द से जल्द समाधान करने की बृहस्पतिवार को फिर अपील की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार से बार-बार अपील के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का यह कठोर रास्ता अपनाना पड़ा। जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘आंदोलन के संबंध में सरकार की बातचीत की पेशकश के जवाब में हमने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ और एक अधिवक्ता शामिल हैं।’’

एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और सुदिव्य कुमार समेत पांच सदस्यीय सरकारी समिति के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की संभावना है।

रांची के अनुमंडल अधिकारी कुमार रजत और अपर जिला मजिस्ट्रेट (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार ने बृहस्पतिवार देर रात प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की।

अनुमंडल अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अपने छोटे भाइयों से बातचीत करने और उनका हालचाल जानने आए थे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से कोई चर्चा हुई, उन्होंने कहा, ‘‘नहीं।’’

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, ‘‘अनुमंडल अधिकारी ने हमें सकारात्मक रहने को कहा और आश्वासन दिया कि सरकार हमसे बातचीत करेगी लेकिन उन्होंने कोई समय नहीं बताया।’’

भूख हड़ताल पर बैठे छह प्रदर्शनकारियों में शामिल सबिता कुमारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं को ‘‘नजरअंदाज’’ किया है और ‘‘हमारे अधिकार छीने जा रहे हैं तथा हमारी नौकरियों को सब्जियों की तरह बेचा जा रहा है।’’

एक छात्र नेता ने दावा किया, ‘‘देर शाम तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, मैंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की। उन्होंने गतिरोध दूर करने में हरसंभव मदद देने और इस मुद्दे को झारखंड सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। कांग्रेस झारखंड की गठबंधन सरकार में शामिल है।’’

छात्र नेता ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से यह भी कहा कि अगर कांग्रेस हेमंत सोरेन सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए राजी नहीं कर पाती है तो उसे गठबंधन से हट जाना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छात्र नेता की गांधी से बातचीत को ‘‘राजनीतिक हथकंडा’’ करार दिया और आरोप लगाया कि शहर में मौजूद कांग्रेस नेता के. राजू प्रदर्शन स्थल पर नहीं गए।

विपक्षी विधायकों ने बृहस्पतिवार को मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। उनमें से कई ‘‘जागो सरकार, होश में आओ’’ संदेश वाले मुखौटे पहने नजर आए।