चंडीगढ़: 29 मई (ए) पंजाब निकाय चुनाव में शुक्रवार शाम करीब सात बजे तक 45 प्रतिशत से अधिक वार्डों में आम आदमी पार्टी (आप) ने जीत दर्ज की। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जनता ने सत्ताधारी पार्टी की विकासवादी नीतियों का समर्थन किया और विपक्ष की ‘नफरत की राजनीति’ को परास्त किया।
पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, ‘आप’ ने कुल 1,977 वार्डों में से 886 में जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस 358 वार्ड जीतकर दूसरे स्थान पर रही, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 178 वार्ड जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 153 वार्डों में जीत का परचम फहराया।
इन शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 246 वार्डों में जीत दर्ज की।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी छह वार्ड में जीत हासिल की।
आयोग के मुताबिक, 130 से अधिक वार्डों के परिणाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं और मतगणना जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई।
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ‘आप’ जीत पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जनता ने ‘आप’ सरकार के विकास कार्यों पर अपनी मुहर लगा दी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने विपक्ष की नफरत की राजनीति को हरा दिया।
मान ने कहा, “जनता ने विभाजनकारी राजनीति करने वाली पार्टियों को नकार दिया है।”
मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट के आठ नगर निगमों के 1,897 वार्डों में 102 नगर निकायों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के चुनाव 26 मई को मतपत्रों के माध्यम से हुए, जिसमें 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
राज्य के 1,977 वार्डों में से 80 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इन स्थानीय निकाय चुनावों में 7,554 उम्मीदवार मैदान में थे। आठ नगर निगमों के संपूर्ण परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं।
धूरी नगर परिषद में ‘आप’ ने 19 वार्ड में जीत दर्ज की, जबकि दो वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। मुख्यमंत्री मान धूरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
गिद्दड़बाहा नगर परिषद में ‘आप’ ने 19 में से 17 वार्ड में जीत हासिल की जबकि कांग्रेस केवल दो वार्ड जीत सकी। गिद्दड़बाहा को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का गढ़ माना जाता है।
हालांकि, चमकौर साहिब नगर परिषद में कांग्रेस ने सात वार्ड में जीत दर्ज की, जबकि ‘आप’ और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन-तीन वार्ड जीते। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब के प्रमुख राजनीतिक दलों ‘आप’, भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के लिए यह निकाय चुनाव अहम माने जा रहे हैं।
राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अब तक आए चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब के लोगों ने ‘आप’ सरकार के काम पर अपनी मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि लोगों ने विपक्षी दलों को आईना दिखा दिया है।
चीमा ने कहा कि नगर निकाय चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराए गए।
अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक मतगणना केंद्र पर संबंधित जिले के सामान्य पर्यवेक्षक की प्रत्यक्ष निगरानी में दो सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात किए गए।
उन्होंने कहा कि मतगणना कक्ष में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति है।
इससे पहले, विपक्षी दलों ने ‘आप’ सरकार पर चुनावों के दौरान सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
इन निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है।