रूस, यूक्रेन ने अपने-अपने आपातकालीन अलर्ट ऐप पर साइबर हमले का दावा किया

अंतरराष्ट्रीय
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कीव: दो नवंबर (एपी) यूक्रेन और रूस के अधिकारियों ने दावा किया कि रविवार देर रात दोनों देशों के आपातकालीन अलर्ट मोबाइल ऐप्लीकेशन पर साइबर हमले किए गए। इस दौरान, यूक्रेन में लोगों को राजधानी कीव में परमाणु विकिरण का स्तर बहुत अधिक होने के फर्जी संदेश मिले।

हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि क्या रूस और यूक्रेन के आपातकालीन अलर्ट ऐप पर हुए साइबर हमलों के बीच कोई संबंध है। यूक्रेन में हवाई हमले के अलर्ट देने वाले चैनल ने रविवार देर रात ‘टेलीग्राम’ पर एक पोस्ट में कहा कि कुछ “अनधिकृत लोगों” ने मैसेजिंग ऐप के संचालन में हस्तक्षेप किया है, जिसके बाद इसे अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। उसने उपयोगकर्ताओं को “संदिग्ध नोटिफिकेशन” में दिए गए लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी।यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रातभर में ऐप को बहाल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के लोग रूस के रोजाना होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए इस ऐप पर मिलने वाले अलर्ट पर भरोसा करते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, कीव में विकिरण के उच्च स्तर, रासायनिक खतरे और सार्वजनिक अशांति से जुड़े फर्जी अलर्ट अंग्रेजी में भेजे गए थे, जिनमें वर्तनी और व्याकरण संबंधी गलतियां थीं। उन्होंने बताया कि कुछ संदेश रूसी और यूक्रेनी, दोनों भाषाओं में भी थे। एक फर्जी पोस्ट में हैकिंग समूह ‘हिटकोर’ का नाम लिया गया था। सुरक्षा सेवाओं से संबंध रखने वाले रूसी टेलीग्राम चैनल ‘मैश’ ने कहा कि उसने ‘हिटकोर’ के प्रतिनिधियों से बात की है, जिन्होंने हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।यूक्रेन के सरकारी दुष्प्रचार निरोधक केंद्र ने साइबर हमले की जानकारी दी। उसने उपयोगकर्ताओं से साइबर हमले से निपटे जाने के दौरान सोशल मीडिया पर आपातकालीन चैनल पर नजर रखने और पारंपरिक अलर्ट पर भरोसा करने की अपील की। यूक्रेनी वायुसेना के प्रवक्ता यूरी इहनात ने कहा कि साइबर हमले का यूक्रेन की सुरक्षा स्थिति और रक्षा अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि यह ऐप सैन्य कमान प्रणालियों से अलग है।

उन्होंने कहा कि वायु सेना स्वतंत्र संचार माध्यमों (जिनमें लोकप्रिय सोशल मीडिया मंच भी शामिल हैं) के जरिये वास्तविक समय (रियल-टाइम) के खतरों की जानकारी देना जारी रखे हुए है।रूसी अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि हैकरों ने देश के आपातकालीन मंत्रालय के मोबाइल ऐप तक पहुंच बनाकर फर्जी आपातकालीन अलर्ट भेजे।

मंत्रालय ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का नाम नहीं बताया। उसने एक बयान जारी कर रूसी नागरिकों को आश्वस्त किया कि व्यापक सार्वजनिक अलर्ट प्रणाली सामान्य रूप से काम कर रही है।

मंत्रालय ने कहा कि मोबाइल ऐप एक अतिरिक्त सेवा है, जबकि एसएमएस, मीडिया प्रसारण और नगरपालिकाओं के सायरन तथा लाउडस्पीकर के जरिये भी अलर्ट जारी किए जाते हैं।

क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस की सभी सरकारी एजेंसियों पर लगातार ​​साइबर हमलों का खतरा मंडरा रहा है, जिनमें से कई हमलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सभी सरकारी निकायों को हमारे डिजिटल संसाधनों की साइबर सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए।”

इस बीच, यूक्रेनी अधिकारियों ने युद्ध से बंटे खेरसॉन क्षेत्र में मानवीय संघर्ष-विराम की अवधि खत्म होने के कुछ घंटे बाद सोमवार तड़के रूस की ओर से कई ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी दी। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इन हमलों में घायल 62 साल की एक महिला और 73 वर्ष के एक पुरुष को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसने रविवार रात यूक्रेन के 212 ड्रोन मार गिराए। वहीं, रूस के समारा क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव फेडोरिशचेव ने एक बयान में कहा कि स्थानीय वायु रक्षा प्रणालियां हवाई हमले को विफल कर रही हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।बाद में रूस के स्वतंत्र मीडिया संगठनों ने खबर दी कि यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के समारा क्षेत्र में यूरोप के सबसे बड़े तेल परिवहन केंद्रों में से एक को निशाना बनाया।