इंदौर (मध्यप्रदेश): सात अक्टूबर (ए) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण बुधवार को जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई इलाकों में नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन नहीं पहुंचने से सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम के अस्थायी सफाई कर्मचारी पांच अक्टूबर से काम बंद करके धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्रदान करना शामिल हैं।
हड़ताल का असर शहर के प्रमुख चौराहों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कचरे और उसकी बदबू के कारण उन्हें समस्या हो रही है।
हालांकि, नगर निगम के स्थायी सफाई कर्मचारियों और गैर सरकारी संगठनों से जुड़े लोगों की मदद से कुछ क्षेत्रों में सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने संवाददाताओं से कहा,‘‘सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं। निगम की ओर से शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर विचार भी किया जा रहा है।’’
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दावा किया कि कुछ लोग साजिश के तहत शहर की छवि खराब करने के लिए सड़कों पर जान-बूझकर कचरा फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और इन लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इंदौर, राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार आठ बार अव्वल रहा है।