देहरादून: 26 जुलाई (ए)
) छात्रों के लिए ‘आपत्तिजनक’ भाषा के प्रयोग को लेकर कांग्रेस तथा अन्य संगठनों के निशाने पर आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने रविवार को माफी मांग ली।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भट्ट ने कहा, ‘‘यदि मेरे कल के वक्तव्य के किसी शब्द या उसके उच्चारण से भ्रमवश किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो मुझे उसका खेद है और मैं क्षमाप्रार्थी हूं।’’
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।
इससे पहले, शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने पर प्रतिक्रिया देते हुए भट्ट का एक वीडियो सामने आया था जिसमें छात्रों के लिए कथित रूप से ‘आपत्तिजनक’ भाषा का प्रयोग किया गया था। कांग्रेस ने इसके लिए उनकी कड़ी आलोचना करते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की थी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भट्ट ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हजारों युवाओं और विद्यार्थियों का अपमान किया। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा था कि भट्ट के अपशब्दों वाली भाषा को सुनकर प्रतीत होता है कि वह प्रधान के इस्तीफे से कितना आहत हैं।
गोदियाल ने भट्ट को यह भी याद दिलाया कि इसी प्रकार के अपशब्दों के कारण प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह विद्यार्थियों और यहां के लोगों के प्रति आपकी भावनाओं को प्रदर्शित करता है। यह बात आगे बढ़े, इससे पहले आपको क्षमा मांग लेनी चाहिए।’’
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो इस मांग के पूरा होने तक छात्र और युवा भट्ट के घर के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि, भट्ट ने इस संबंध में दिन में एक वीडियो जारी कर कहा कि विपक्ष द्वारा उनके बयान को गलत ढ़ंग से प्रचारित किया जा रहा है जबकि उन्होंने इस प्रकार की शब्दावली का प्रयोग नहीं किया।
प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने एक बयान में कहा कि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष द्वारा प्रधान के इस्तीफे से संबंधित बयान को गलत अर्थों में पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसे आपत्तिजनक शब्दावली के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। कृपया इसे उचित शब्दावली एवं अर्थों के संदर्भ में समझें और प्रयोग करें।’’
हाल में उत्तराखंड प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में कथित प्रश्न पत्र लीक का मामला सामने आया था और इससे पहले भी प्रश्न पत्र लीक का मुद्दा राज्य में बड़ा राजनीतिक विषय बना हुआ है।
कांग्रेस लगातार पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर निशाना साध रही है। वहीं, राज्य सरकार ने कहा कि उसने प्रश्न पत्र लीक के मामलों में किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति अपनाई है और सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने तथा प्रश्न पत्र लीक मामलों में कई आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा है।