वाशिंगटन, नौ अक्टूबर (एपी) अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) को भंग करने के अपने अभियान के तहत संस्था पर व्यापक और कड़े नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।
अमेरिका का मानना है कि यह वैश्विक अदालत राजनीतिक रूप से प्रेरित हो चुकी है और इसने अमेरिकियों तथा इजराइलियों पर युद्ध अपराधों के आरोप लगाकर उन पर अनुचित व अवैध रूप से मुकदमा चलाने का प्रयास किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को इन प्रतिबंधों की घोषणा की। यह घोषणा दक्षिण अफ्रीका की अभियोजक नवी पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने के तुरंत बाद आई है।
पिल्लई ने इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों द्वारा किए गए संभावित युद्ध अपराधों के खिलाफ आईसीसी की जांच का नेतृत्व किया था। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि प्रतिबंध लगाने की यह कार्यवाही नोबेल पुरस्कार की घोषणा से काफी पहले ही तय कर ली गई थी।
रुबियो ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में कहा, ‘हम इस बेलगाम अदालत के साथ होने वाले सभी प्रकार के लेनदेन पर प्रतिबंध लगाएंगे, जिससे इनके वित्तीय संसाधनों का मार्ग बंद हो जाएगा और हमारे खिलाफ काम करने की इनकी क्षमता पूरी तरह ठप हो जाएगी।’
उन्होंने स्पष्ट किया, ‘अमेरिका और अमेरिकी नागरिक इस फर्जी अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नहीं आते हैं।’
