छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी तीन सहायक प्रोफेसर बर्खास्त

राष्ट्रीय
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शिमला: 16 अप्रैल (ए)) हिमाचल प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में तीन सहायक प्रोफेसर को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उनके आगे नियोजन पर भी रोक लगा दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सरकार ने यह कार्रवाई शिमला के लोहारब स्थित जवाहर लाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय में कथक नृत्य के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार, हमीरपुर जिले के नादौन स्थित सिद्धार्थ सरकारी महाविद्यालय में रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार और शिमला के चौड़ा मैदान स्थित राजीव गांधी सरकारी डिग्री महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र शर्मा पर की है। इन तीनों को अपने-अपने कॉलेजों में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया है। इसके बाद, सेक्रेटरी एजुकेशन राकेश कंवर ने पवन कुमार, अनिल कुमार और वीरेंद्र शर्मा को बर्खास्त कर दिया।

अधिकारी के अनुसार हमीरपुर जिले के गवर्नमेंट कॉलेज, नादौन में तैनात केमिस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। घटना नवंबर 2024 की है, जब केमिस्ट्री प्रैक्टिकल के दौरान प्रोफेसर ने प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ लैब में बार-बार अश्लील हरकतें की थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने उन्हें सेवा से मुक्त करने का फैसला लिया।

शिमला के राजकीय महाविद्यालय (चौड़ा मैदान) का एक पुराना मामला भी इस कार्रवाई की जद में आया है। गणित विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने 2021 में एक छात्रा पर मेल-जोल बढ़ाने का दबाव डाला और उसे कार में बैठाकर अपने घर ले गए, जहाँ उन्होंने दुष्कर्म का प्रयास किया। छात्रा की शिकायत और जांच के बाद अब उन्हें विभाग से बाहर कर दिया गया है।

तीसरा मामला शिमला के कॉलेज से जुड़ा है, जहाँ डांस (कथक) के असिस्टेंट प्रोफेसर पवन कुमार पर एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न और बंधक बनाकर दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाया था। छात्रा के अनुसार, आरोपी उसे महीनों से परेशान कर रहा था। आरोपी शिक्षक फिलहाल धर्मशाला के एक कॉलेज में तैनात था, लेकिन अब उसे भी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।