वाशिंगटन: 18 अगस्त (ए) अमेरिका में कड़े चुनावी कानूनों की पैरवी करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चुनाव प्रणाली की सराहना की और कहा कि भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी चुनावों में मतदाता की पहचान की कमी को लेकर सवाल उठाया है।
ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में हाल में हुए आम चुनावों में 64.6 करोड़ से अधिक लोगों ने मतदान किया और एक प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक मतपत्र के जरिए मतदान किया। ट्रंप ने कहा कि भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इस महीने की शुरुआत में उनके प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की थी और पूछा था कि अमेरिका में वैध फोटो पहचान पत्र के बिना चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये टिप्पणियां ‘सेव अमेरिका एक्ट’ के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से कीं। इस कानून के तहत अमेरिकियों को मतदान के लिए पंजीकरण कराते समय नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य होगा, पूरे देश में मतदाता पहचान पत्र की आवश्यकता लागू की जाएगी और डाक के जरिए मतदान को काफी हद तक सीमित किया जाएगा।
ट्रंप ने पोस्ट किया, ‘‘इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा – वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं?’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भारत के पिछले चुनाव में 64.6 करोड़ मतदाता थे। एक प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक के जरिए मतदान किया और प्रत्येक मतदाता के पास एक वैध फोटो पहचान दस्तावेज होना जरूरी था।’’
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हमें अब ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पारित करने की जरूरत है।’’
ट्रंप ‘सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी’ (सेव) अमेरिका एक्ट को पारित कराने पर लगातार जोर दे रहे हैं। उनका दावा है कि यह कदम चुनावी धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद करेगा।
हालांकि, इस मुद्दे पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों में मतभेद हैं। अमेरिकी सीनेट ने इस महीने की शुरुआत में पांच सप्ताह के अवकाश के लिए स्थगित होने से पहले इस कानून को पारित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ की वेबसाइट पर इस एक्ट से संबंधित एक तथ्य-पत्र में यह भी कहा गया है कि भारत और ब्राजील पहले ही मतदाता पहचान पत्रों को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ चुके हैं, जबकि अमेरिका में मतदाता स्वयं द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अपनी पात्रता की पुष्टि करते हैं।
इस विधेयक में पुरुषों को महिलाओं के खेलों में प्रतिस्पर्धा करने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने और बच्चों के लिए ट्रांसजेंडर म्यूटिलेशन सर्जरी (लिंग परिवर्तन संबंधी शल्य चिकित्सा) पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।
