मॉस्को: 31 मई (ए) यूक्रेन ने रविवार सुबह रूस के ऊर्जा ठिकानों पर फिर हमले किए, और इन रूसी दावों का खंडन किया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने रूसी कब्जे वाले एक महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया।
गवर्नर यूरी स्लीसर ने रविवार को टेलीग्राम पर कहा कि रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र में ड्रोन के मलबे से एक ईंधन भंडारण प्रतिष्ठान में आग लग गई। उन्होंने बताया कि आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
वहीं, गवर्नर रोमन बुसारगिन के अनुसार, ड्रोन हमलों में दक्षिण-पश्चिमी रूस के सारातोव प्रांत में नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। रूस के स्वतंत्र समाचार चैनल ‘एस्ट्रा’ ने बताया कि क्षेत्रीय राजधानी सारातोव में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं।इस बीच, कीव ने रूस के उन दावों का खंडन किया कि एक यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के कब्जे वाले ज़पोरिज़िया परमाणु संयंत्र पर हमला किया, जो यूक्रेन और यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है। रूसी सेना ने युद्ध के शुरुआती हफ्तों में इस संयंत्र पर कब्जा कर लिया था, और यह दक्षिणी ज़पोरिज़िया क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे के पास स्थित है। यह उन चार क्षेत्रों में से एक है जिन्हें रूस ने औपचारिक रूप से अपने कब्जे में ले लिया है।
यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करता है और परमाणु प्रतिष्ठानों पर किसी भी हमले के गंभीर परिणामों से पूरी तरह अवगत है।
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने चिंता व्यक्त की है।
वहीं, यूक्रेन की परमाणु नियामक एजेंसी ने कहा कि रूस द्वारा बताए गए नुकसान की पुष्टि संयंत्र में तैनात विशेषज्ञों द्वारा की जानी चाहिए, जो वहां लंबे समय से निगरानी मिशन पर मौजूद हैं। रूस और यूक्रेन के बीच इस घटना को लेकर एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।