अमेरिका ने विकसित किया नया माइक्रोरिएक्टर, भारत सहित वैश्विक बाजार पर नजर

अंतरराष्ट्रीय
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वाशिंगटन: सात जून (ए) अमेरिका की एक कंपनी द्वारा विकसित छोटे परमाणु रिएक्टर ने पहली बार ‘‘क्रिटिकल’’ अवस्था हासिल कर ली है। इसे छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अमेरिका भारत सहित अन्य देशों को इसे बेचने की योजना बना रहा है।

एंटारेस न्यूक्लियर द्वारा निर्मित मार्क-0 मॉडल रिएक्टर ने चार जून को पहली बार ‘क्रिटिकल’ अवस्था हासिल की, यानी इसमें स्वत: संचालित होने वाली परमाणु शृंखला प्रतिक्रिया शुरू हो गई। यह उपलब्धि निर्धारित समय से एक माह पहले हासिल की गई। यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निजी क्षेत्र को नए और उन्नत परमाणु रिएक्टर विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

विशेषज्ञ इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को अमेरिका में परमाणु क्षेत्र में विकास के दूसरे दौर की शुरुआत का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि देश ने पिछले चार दशकों से अधिक समय में परमाणु क्षेत्र में नयी प्रौद्योगिकियों का परीक्षण नहीं किया था, ऐसे में यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है।

‘न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टीट्यूट’ की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मारिया कोर्सनिक ने कहा कि अमेरिका एपी-1000 जैसे पारंपरिक और बड़े रिएक्टर के अलावा छोटे रिएक्टर भारत को बेचने के लिए उत्सुक है।

उन्होंने ‘ बातचीत में कहा, ‘‘छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और माइक्रोरिएक्टर की भी मांग बढ़ने वाली है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस उद्देश्य के लिए ऊर्जा समाधान चाहते हैं। आपकी आवश्यकता के अनुसार परमाणु ऊर्जा आधारित समाधान उपलब्ध कराया जा सकता है।’’

अमेरिका में विकसित किए जा रहे माइक्रोरिएक्टर कुछ सौ किलोवाट से लेकर 1.2 मेगावाट तक बिजली उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं। इन रिएक्टर को जोड़ने के बाद विमान के जरिए दुनिया के किसी भी हिस्से में ले जाकर स्थापित किया जा सकता है।

अमेरिका भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग करने की भी योजना बना रहा है।

पिछले साल, ट्रंप ने नयी परमाणु प्रौद्योगिकियों के विकास में नियामकीय बाधाओं को हटाने के लिए शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर किए थे।

इन आदेशों ने ऊर्जा विभाग को उन्नत रिएक्टर डिजाइनों और परियोजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार दिया, जो पहले अमेरिका में परमाणु उद्योग के नियामक, परमाणु नियामक आयोग का काम था।