बीजिंग: 14 मई (ए) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के बीच होने वाली वार्ता के दौरान बीजिंग को ईरान युद्ध संकट के समाधान में “अधिक सक्रिय भूमिका” निभाने के लिए राज़ी कर लिया जाएगा। ट्रंप कल रात तीन दिवसीय दौरे पर बीजिंग पहुंचे। चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने ट्रंप का हवाई अड्डे पर स्वागत किया, जो एक दुर्लभ कदम था और सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल से हटकर था।
बीजिंग के मार्ग में एयर फोर्स वन विमान में ‘फॉक्स न्यूज’ से बातचीत में मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान युद्ध ‘‘अस्थिरता का एक बहुत बड़ा कारण है और यह दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में एशिया को अधिक अस्थिर करने का खतरा पैदा करता है, क्योंकि ऊर्जा के लिए यह क्षेत्र समुद्री जलडमरूमध्यों पर बहुत अधिक निर्भर है।’’
‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ में बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक खबर के अनुसार रुबियो ने कहा, “यह (चीन) के हित में है कि इस मुद्दे का समाधान हो। हमें उम्मीद है कि हम उन्हें (चीन) ईरान को उसकी वर्तमान गतिविधियों और फ़ारस की खाड़ी में जो वह करने की कोशिश कर रहा है, उससे पीछे हटने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए राज़ी कर पाएंगे।”
मंगलवार को बीजिंग के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह ईरान के मुद्दे पर चीनी नेता के साथ “लंबी बातचीत” करने की योजना बना रहे हैं।
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के मामले में उन्हें शी की मदद की ज़रूरत है, और अमेरिका “किसी न किसी तरह जीत जाएगा- चाहे शांतिपूर्ण तरीके से या फिर किसी अन्य तरीके से।”
फॉक्स न्यूज से साक्षात्कार में, रुबियो ने बीजिंग को वाशिंगटन की ‘शीर्ष राजनीतिक चुनौती’ बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ‘‘यह हमारे लिए संभालने वाला सबसे महत्वपूर्ण संबंध भी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘(चीन) एक बड़ा और शक्तिशाली देश है… हमारे कुछ हित ऐसे होंगे जो उनके हितों से टकराएंगे, और युद्धों से बचने तथा दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हमें उन संबंधों को संभालना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट रूप से कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो अमेरिका के लिए इतने महत्वपूर्ण हैं कि हमें उन मुद्दों को उठाना ही होगा। और हम ऐसा करते रहेंगे… ऐसे भी कुछ क्षेत्र होंगे जहां सहयोग भी हो सकता है, और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम उनसे दूर न हों।’’
रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन को रोकने की कोशिश नहीं कर रहा है, लेकिन उसका उत्थान हमारी कीमत पर नहीं होना चाहिए।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘उनका उत्थान हमारे पतन की कीमत पर नहीं हो सकता।’’