मुंबई, 14 जून (ए)
) ईरान के सर्वोच्च नेता के उप प्रतिनिधि मोहम्मद हुसैन जियाई निया ने रविवार को ओमान तट के पास जहाजों पर हुए अमेरिकी सैन्य हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत की निंदा की।
उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
निया ने उम्मीद जताई कि ईरान और विभिन्न देशों के जहाजों पर होने वाले हमलों को जल्द रोका जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात को स्वीकार नहीं करते कि उपनिवेशवादी ताकतों के लाभ और हितों के कारण निर्दोष लोगों की जान जाए। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’’
उन्होंने यह बात क़लमकार परिषद द्वारा आयोजित ‘मिनाब के साथ एकजुटता: भू-राजनीति से परे बच्चे’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
अमेरिका ने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है। इसके माध्यम से तेहरान को तेल व्यापार से मुनाफा कमाने से रोकने के लिए इस्लामिक गणराज्य के बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है।
ओमान तट के पास इस सप्ताह भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमला हुआ, जिनमें से बुधवार को हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के समक्ष तीन भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा उठाया, जबकि वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि उसकी क्षेत्रीय नौसैनिक नाकेबंदी के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।