नयी दिल्ली: चार जुलाई (ए)
) दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को बिहार से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 में हर्ष फायरिंग में एक महिला की मौत के मामले में चार साल की साधारण कैद की सजा सुनाई।
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि “कानून के शासन से चलने वाले राज्य में हमें न तो सिंघम की जरूरत है और न ही पुष्पा की”।विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सजा का मुख्य हिस्सा मौखिक रूप से सुनाया। उन्होंने कहा, “दोषी को आईपीसी की धारा 304 भाग दो के तहत चार साल की साधारण कैद और शस्त्र अधिनियम के तहत 2 महीने की कैद की सज़ा सुनाई गई है।”न्यायाधीश गोगने ने कहा कि बिहार के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सिंह, पीड़ित के परिवार वालों को 25 लाख रुपये का मुआवज़ा भी देंगे। इससे पहले शुक्रवार को, सिंह ने अदालत से उन्हें परिवीक्षा पर रिहा करने का आग्रह किया था। उन्होंने दलील दी कि उनकी किसी की जान लेने की कोई मंशा नहीं थी और एक जन-प्रतिनिधि के तौर पर उनका अब तक का रिकॉर्ड बेदाग रहा है।सिंह (56) को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-दो (गैर-इरादतन हत्या) और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन से जुड़े शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया था।यह मामला यहां फतेहपुर बेरी के एक फार्महाउस में नव वर्ष के जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। अदालत ने छह जून को सुनाए गए 97 पन्नों के आदेश में कहा था, “त्योहारों या खुशी के मौकों पर फायरिंग करना एक ऐसी बुराई है, जिससे हमारे देश में अक्सर लोगों की जान चली जाती है।”