गाजियाबाद (उप्र): सात नवंबर (ए) उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार देर रात हुए धमाके में एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि धमाके के कारण पुलिस चौकी की खिड़कियों के शीशे टूट गए और वहां मौजूद एक व्यक्ति को मामूली चोटें आईं। उन्होंने बताया कि घायल व्यक्ति खाने-पीने की सामग्री की आपूर्ति करने वाली कंपनी का प्रतिनिधि (फूड डिलीवरी एजेंट) है।पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच में संभावित आतंकी पहलू से भी इनकार नहीं किया जा सकता और इसलिये आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और बम निरोधक दस्तों को मौके पर भेजा गया है।
‘तहरीक उल मुजाहिदीन’ नामक संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस धमाके की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।’’ हालांकि, इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम भी मौके पर मौजूद है और उसने वहां से नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए आगरा स्थित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त रवींद्र गौड़, अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों को जांच में आसानी हो, इसके लिए पूरी पुलिस चौकी की चारों ओर से घेराबंदी कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि धमाके में घायल हुए एकमात्र व्यक्ति की पहचान विशाल के रूप में हुई है और वह खतरे से बाहर है।
इस बीच, लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन’ की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा विधायक ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘आतंकी संगठन ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन’ ने इंदिरापुरम की वसुंधरा पुलिस चौकी पर हुए धमाके की जिम्मेदारी ली है। अगर पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो योगी आदित्यनाथ सरकार की पुलिस इसमें शामिल आतंकवादियों को खत्म कर देगी।’’
उन्होंने आगे कहा कि अगर ये आतंकवादी पाकिस्तान में भी जाकर छिपते हैं, तो उन्हें ढूंढकर खत्म कर दिया जाएगा।
भाजपा विधायक ने गाजियाबाद के लोगों से बिना किसी डर के रोशनी का त्योहार मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके पीछे जो लोग हैं, उन्हें सजा जरूर मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीछे नहीं हटेंगे, भले ही इसके लिए पाकिस्तान में सेना भेजनी पड़े।’’
