लखनऊ: 20 अक्टूबर (ए) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निर्वाचन आयोग की कथित मदद से मतदाता सूचियों में हेरफेर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
उन्होंने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी कटाक्ष किया और उसे भाजपा का भूमिगत सहयोगी बताया।पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने सपा कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए काम करने का आग्रह किया और कहा कि एसएसआर के बाद मतदाता सूची में कोई और बदलाव नहीं होगा।
यादव ने यहां एक पत्रकार वार्ता में कहा, “एसएसआर का उल्टा क्या होगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राजनीतिक सहयोगी पर्दे के पीछे रहकर साजिशें रचते हैं।उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर विभाजनकारी राजनीति करने और समाज पर पुरानी सोच थोपने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “देश में हर कोई जानता है कि बांटने वाली पॉलिटिक्स कौन कर रहा है। भाजपा नेता लोगों को बांट रहे हैं, उनकी सोच नेगेटिव है और वे पुराने विचार थोपना चाहते हैं। वे अंडरग्राउंड काम करते हैं, सुरंगों में रहते हैं और साज़िशें रचते हैं।यादव ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया होने के बावजूद मतदाता सूची में गड़बड़ियां बनी रहीं।
उन्होंने ये आरोप ऐसे समय में लगाए हैं जब निर्वाचन आयोग 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में सुधार करने की कोशिश कर रहा है।उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सोमवार को चुनाव अधिकारियों को दोहराई गई प्रविष्टियों को हटाने में तेजी लाने का निर्देश दिया और इस कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
निर्वाचन आयोग ने 17 और 24 अक्टूबर को राज्य के सभी 75 जिलों में विशेष मतदाता पंजीकरण शिविर भी आयोजित किए हैं, ताकि पात्र नागरिकों के नाम दर्ज किया जा सकें।यादव ने कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पूछा कि निर्वाचन आयोग ने समाजवादी पार्टी की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
यादव ने आरोप लगाया, “जब भी निर्वाचन आयोग पर सवाल उठते हैं तो भाजपा बेनकाब हो जाती है, फिर भी वह निर्वाचन आयोग का बचाव करने के लिए आगे क्यों आती है? अगर विपक्ष और आम लोग सवाल पूछ रहे हैं, तो भाजपा उन्हें बचाने के लिए आगे क्यों आती है? इससे पता चलता हैभाजपा निर्वाचन आयोग के साथ मिली हुई है।”
