मथुरा (उप्र): 27 जून (ए)
) राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी के विरुद्ध कार्यकर्ता सम्मेलन में ‘अनुसूचित जाति जनजाति आयोग’ के स्थान पर ‘हरिजन आयोग’ जैसे अपमानजनक और असंवैधानिक शब्द का प्रयोग करने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
हाईवे थाने के प्रभारी प्रशांत कपिल ने बताया कि यह मुकदमा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के निर्देश पर शुक्रवार शाम को दर्ज किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम की सरस्वती विहार चक्करपुर कॉलोनी निवासी एवं ‘ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन’ के अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद ने शिकायत की थी।
प्रसाद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि त्यागी ने पिछले साल 27 मई को सौंख रोड स्थित एक होटल में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के लिए जिस शब्द (हरिजन आयोग) का उपयोग किया था, वह अपमानजनक एवं आपत्तिजनक है।
उन्होंने शिकायत में जिक्र किया है इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई थी, परंतु उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब यह मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के संज्ञान में लाया गया, जिसके निर्देश पर शुक्रवार को हाईवे थाने में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
थाना प्रभारी का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।