सिडनी: 22 अगस्त (द कन्वरसेशन) चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम जल्द ही हाल के वर्षों के सबसे अभिनव चंद्र अन्वेषण अभियानों में से एक शुरू करने जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य उन स्थानों का अध्ययन करना है, जहां सूर्य की रोशनी कभी नहीं पहुंचती और जहां चंद्रमा पर मौजूद जल-बर्फ के बारे में अब भी कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।
करीब दो दशक से हम सब इस बात से अवगत हैं कि चंद्रमा पर किसी न किसी रूप में पानी मौजूद है। हालांकि, अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि हमेशा छाया में रहने वाले विभिन्न ‘क्रेटर’ (गर्त) में कितनी मात्रा में ऐसी जल-बर्फ है जिसे हासिल किया जा सकता है, वह सतह से कितनी गहराई पर मौजूद है और उसका स्वरूप कैसा है।
