दिल्ली : इमारत में आग लगाने के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी का आपराधिक इतिहास

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली, 15 जून (ए) दक्षिणपूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक इमारत में कथित रूप से जानबूझकर आग लगाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ है और वह पिछले महीने ही जेल से बाहर आया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान निरंजन के रूप में हुई है, जिसे गोविंदपुरी इलाके का बदनाम व्यक्ति घोषित किया हुआ है और उसका एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि उसका भाई राजकुमार भी आपराधिक मामलों में शामिल है।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘मई के पहले सप्ताह में निरंजन को जेल से रिहा किया गया था और वह घटना की साजिश रचने में कथित तौर पर शामिल था। इलाके में प्रभुत्व को लेकर ‘पहाड़ी’ नामक एक स्थानीय व्यक्ति के साथ उसकी प्रतिद्वंद्विता भी चल रही थी, जिसके कारण अतीत में कई बार टकराव हुआ था।’

अधिकारी ने कहा कि निरंजन पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का संदेह है।

अधिकारी ने कहा, ‘अन्य आरोपी सरिता ने घर की टोह ली थी और नाबालिग लड़की को कई बार दीपक का स्कूटर दिखाया था। घटना के दिन वह उसे अपने स्कूटर पर घर ले गई और दीपक के स्कूटर को आग लगाने के लिए पेट्रोल की एक बोतल और माचिस की तिल्लियां सौंपी।’

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सरिता ने दीपक को करीब 80,000 रुपये उधार दिए थे और वह अपने पैसे वापस मांग रही थी, लेकिन दीपक रकम नहीं लौटा रहा था।

उसे सबक सिखाने के लिए महिला ने उसके स्कूटर को आग लगाने का फैसला किया। पूरी घटना में यू-टर्न तब आया जब पड़ोसी के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक लड़की को आग लगने से ठीक पहले घर में प्रवेश करते और कुछ देर में इमारत से निकलकर भागते हुए देखा गया।

पुलिस ने सरिता, निरंजन और उसके (निरंजन के) भाई राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया है।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में 11-12 जून की दरमियानी रात लगभग 2.20 बजे आग लग गई, जिसमें 28-वर्षीय पंकज पांडे, उसकी 20-वर्षीय बहन सोनिया और उनकी 70-वर्षीय नानी सुशीला देवी की मौत हो गई, जबकि आठ घायल हो गए।

पुलिस ने कहा कि फुटेज जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग बन गई और यह कोई हादसा नहीं, बल्कि आगजनी की घटना निकली।

घटना के बाद पुलिस ने शुरू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 287 (आग के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 106(1) (लापरवाही से मौत का कारण) के तहत मामला दर्ज किया।

निष्कर्षों के बाद, पुलिस ने बीएनएस के तहत आपराधिक साजिश, गैर-इरादतन हत्या, गै-इरादतन हत्या का प्रयास, आग से शरारत और रात में गुप्त रूप से घर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने की धाराएं जोड़ीं।

पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है।