दिल्ली के रोहिणी में मकान गिरा; एक की मौत, पांच-छह के मलबे में फंसे होने की आशंका

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: आठ जुलाई (ए) दिल्ली के रोहिणी में बुधवार शाम एक तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान ढह गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि पांच-छह लोगों के मलबे में फंसे होने की आंशका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उनके मुताबिक, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थानीय लोग भी खोज एवं बचाव प्रयासों में शामिल हुए। मलबे से दो लोगों को जीवित बाहर निकाला गया था।

दिल्ली के कई इलाकों में भारी बारिश के बीच रोहिणी सेक्टर 16 में एक एमसीडी स्कूल के पास शाम 4.20 बजे इमारत ढह गई। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि इस घटना का कारण खराब मौसम था या नहीं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”इमारत ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अब भी पांच से छह लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान जारी है।”

अग्निशमन विभाग ने अभियान में सहायता के लिए चार बचाव दल भेजे। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम कर रहे हैं।

इमारत ढहने की आवाज सुनकर आसपास लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मलबे से लोगों को निकालने का काम शुरू किया।

विशेष बचाव टीमों के पहुंचने से पहले, स्थानीय लोगों ने फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश में हाथों से ईंटों, कंक्रीट स्लैब और मुड़ी हुई लोहे की छड़ों को हटाना शुरू कर दिया।

कुछ निवासियों ने मलबा हटाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जबकि अन्य लोग पास के घरों और निर्माण स्थलों से फावड़े और अन्य उपकरण लाए। बचाव कार्य के मद्देनजर घटनास्थल के आसपास घेराबंदी कर दी गई।

बचाव अभियान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) द्वारा जारी एक वीडियो में दिख रहा है कि बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए ‘‘हाइड्रोलिक कटर’’ और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पीड़ितों को नुकसान न पहुंचे।

वीडियो में एक दमकल कर्मी मलबे में अंदर झांकता दिख रहा है जहां एक व्यक्ति फंसा हुआ है और बाहर निकलने के लिए अपना हाथ बढ़ा रहा है।

दमकल कर्मी फंसे हुए व्यक्ति को आश्वस्त करने के लिए यह कहते हुए सुना गया, “आप चिंता मत करिये, आपको बचा लेंगे सर।”

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वे इमारत के बारे में विवरण भी हासिल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “घटना के तुरंत बाद, विभिन्न थानों की कई टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया।”

अधिकारी ने बताया कि एक टीम इमारत के स्वामित्व के बारे में भी जानकारी जुटा रही है और यह भी जानकारी जुटा रही है कि इमारत ढहने के समय कितने लोग मौजूद थे।

उन्होंने कहा, “हमने आसपास जमा को दूर रखने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी है।”

मलबा हटाने में तेजी लाने के लिए जेसीबी मशीनें बुलाई गई हैं।

अधिकारी ने कहा, “हमारा प्राथमिक लक्ष्य मलबे में फंसे हर एक व्यक्ति को बचाना है।”

रोहिणी ए वार्ड से आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद प्रदीप मित्तल ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा, “यह बहुत गंभीर घटना है और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारी तत्काल प्राथमिकता बचाव अभियान है, क्योंकि आशंका है कि कुछ लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही इमारत ढहने का सही कारण पता चल पाएगा।”

साकेत में इमारत ढहने की घटना का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि कुछ हफ्ते पहले भी एक इमारत ढह गई थी, जिसके बाद भवन उपनियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।

मित्तल ने कहा, “अगर उन निर्देशों के बावजूद कोई खामी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”