भारत आ रहे 14 जहाजों को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने से रोका : सूत्र

अंतरराष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: 18 अप्रैल (ए)। भारत आ रहे कच्चे तेल और गैस से लदे 14 जहाजों के एक काफिले को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय रोक दिया और उनमें से दो जहाजों पर गोलीबारी की जिसके परिणामस्वरूप 13 जहाज फारस की खाड़ी में अलग-अलग स्थानों पर लौट गए। घटनाक्रम से अवगत आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकार दी।

होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते समय भारतीय ध्वज वाले एक जहाज पर आईआरजीसी की गोलीबारी हुई, जिसमें कच्चा तेल लदा हुआ था। जहाज की एक खिड़की का शीशा टूट गया, जिसके कारण उसे यात्रा रोककर वापस लौटना पड़ा। दूसरे जहाज को कितना नुकसान हुआ, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन वह भी वापस लौट चुका है। सूत्रों के अनुसार, हालांकि भारतीय ध्वज वाला एक अन्य जहाज जलडमरूमध्य से गुजरा और अब भारत की ओर बढ़ रहा है। इस जहाज पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए कच्चा तेल लदा हुआ है।

दो ईरानी ‘गनबोट’ लक्षित टैंकर के पास पहुंचीं और बिना किसी चेतावनी के उस पर गोलीबारी की। सूत्रों के अनुसार, ‘गनबोट’ ओमान से 37 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित टैंकर के पास पहुंचीं, जिसके कारण अन्य जहाजों को यात्रा पूरी किए बिना ही वापस लौटना पड़ा।

उन्होंने बताया कि यह घटना केशम और लारक द्वीपों के बीच के जलक्षेत्र में घटी।

भारत आने वाले 14 जहाजों में से सात पर भारतीय ध्वज, चार पर लाइबेरिया का ध्वज, दो पर मार्शल द्वीप समूह का ध्वज और एक पर वियतनाम का ध्वज लगा हुआ है।

इनमें से छह जहाजों में कच्चा तेल, तीन में एलपीजी और चार में उर्वरक लदे हुए हैं। इनमें से पांच मालवाहक जहाज हैं। सभी 14 जहाज एक कतार में थे।

सूत्रों ने कहा कि इनमें से 13 जहाजों को ईरानी नौसेना ने रोक लिया और उन्हें इंतजार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, फंसे हुए 13 जहाजों में से सात जहाज लारक द्वीप के दक्षिण में हैं और ईरानी नौसेना से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार भारत आने वाले फंसे जहाजों की सुरक्षित यात्रा के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।

खबरों के मुताबिक, शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया, क्योंकि ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के अपने फैसले को पलट दिया और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की। यह घटना ऐसे समय घटी जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की अपनी नाकाबंदी को आगे बढ़ाया।

इस बीच ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में की गई गोलीबारी की वजह से भारतीय ध्वज लगे दो मालवाहक जहाजों के मार्ग बदलने के लिए मजबूर होने की घटना को लेकर भारत ने नयी दिल्ली में तैनात ईरानी राजदूत मोहम्मद फताअली को शनिवार को तलब किया और घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने राजदूत को दो जहाजों से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर भारत की ‘‘गहरी चिंता’’ से अवगत कराया।