कानपुर (उप्र): 10 फरवरी (ए)
) कानपुर के बिठूर क्षेत्र में एक निजी नर्सिंग होम की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में कथित रूप से आग लगने से एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि प्रशासन ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया व प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रविवार को राजा नर्सिंग होम में हुई, जहां नवजात शिशु को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
पुलिस के अनुसार, ‘बेबी वार्मर मशीन’ में कथित तौर पर आग लगने से एक बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और उसे बचाया नहीं जा सका। उसने बताया कि संभवत: आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि नर्सिंग होम के एक अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु कारित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के आदेश पर कराई गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नर्सिंग होम स्वास्थ्य विभाग से अनिवार्य अनुमति लिए बिना एनआईसीयू का संचालन कर रहा था।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “एनआईसीयू के संचालन के लिए पूर्व अनुमति, विशेष उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ आवश्यक होता है, लेकिन अस्पताल ने न तो अनुमति ली थी और न ही विभाग को इसकी जानकारी दी थी। इसी लापरवाही के कारण नवजात की जान चली गई।”
जांच के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया और सभी चिकित्सा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया। एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया गया है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमित रस्तोगी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई और कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई।इस घटना ने जिले में निजी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियामक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।