शाहजहांपुर (उप्र): एक जुलाई (ए) उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक अदालत ने पॉक्सो मामले में एक आरोपी की पिटाई करने के मामले में थाना प्रभारी और चार अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले से जुड़े एक वकील ने यह जानकारी दी।
वकील प्रियम चौहान ने ‘
बताया कि 25 वर्षीय एक महिला ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने 14 मार्च को उसके घर जाकर उसकी, उसके पिता सत्यवीर और भाई की पिटाई की। महिला ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल दिलीप सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने घटना के दौरान उसकी बहनों को अनुचित तरीके से छुआ।
शिकायत के अनुसार, सत्यवीर को 14 मार्च को हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी आधिकारिक रूप से अगले दिन शाम को दिखाई गई।
शिकायत में कहा गया है कि सत्यवीर को अदालत में पेश किया गया और पॉक्सो मामले में जेल भेज दिया गया।
शिकायत में बताया गया है कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम मामला एक महिला पुलिस कांस्टेबल की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
चौहान ने कहा कि सुनवाई के दौरान अदालत ने सदर बाजार पुलिस स्टेशन से सीसीटीवी फुटेज मांगी थी, लेकिन पुलिस ने बताया कि सिस्टम में केवल 15 दिन तक का ही रिकॉर्ड रखा जाता है.
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति अग्रवाल ने मंगलवार को आदेश देते हुए तत्कालीन सदर बाजार थाने के प्रभारी बृजेश सिंह, उप-निरीक्षक रणजीत बहादुर सिंह, कांस्टेबल दिलीप सिंह (जो अब बरेली के विशेष अभियान समूह में तैनात है), कांस्टेबल राम सजीवन और नरेन्द्र, तथा संदीप सिंह नामक व्यक्ति के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच किसी दूसरे थाने के वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।