लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करते हुए सदन में रखें अपनी बात : उप्र विधानसभा अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश लखनऊ
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लखनऊ: दो अगस्त (ए) उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के मद्देनजर सभी विधायकों से लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करते हुए सदन में अपनी बात रखने की अपेक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करना चाहिए।विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा, “विपक्ष जिस भी विषय पर नियमों के तहत नोटिस देगा, उसे अपनी बात रखने का पूरा समय दिया जाएगा। किसी के समय में कटौती नहीं की जाएगी। विपक्ष का अपना एजेंडा, विचार और नीति है, उस पर उन्हें पूरी स्वतंत्रता से बोलने का अवसर मिलेगा।सरकार का दायित्व है कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब दे। विपक्ष को भी लोकतांत्रिक मूल्यों और सदन की मर्यादा का पालन करते हुए अपनी बात रखनी चाहिए।” कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा, “आज मानसून सत्र के पहले सर्वदलीय बैठक हुई, कार्यमंत्रणा की बैठक हुई और उस बैठक में हमारे नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधानमंडल दल की ओर से सबसे पहले तो हमने सरकार के सामने ये प्रस्ताव रखा कि ये बहुत ही कम समय अवधि की सदन में होने जा रही है। हम सब जानते हैं उत्तर प्रदेश में आज ऐसे कितने गंभीर मुद्दे हैं, जिसके ऊपर चर्चा होनी आवश्यक है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम सदन में चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार हमारे सुझावों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती। इसी वजह से कई बार सदन में व्यवधान की स्थिति बनती है।हम बिजली संकट, बेरोजगारी, स्कूलों के बंद होने और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं। सरकार का रवैया सहयोगात्मक होना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार मानसून सत्र के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास सवाल हैं तो उन्हें सदन में उठाना चाहिए। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन यदि विपक्ष हंगामा करता है, बहिष्कार करता है या बार-बार व्यवधान डालता है, तो इसका मतलब है कि उसके पास चर्चा के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं।