राष्ट्रपति शी ने चीनी सेना को आधुनिकीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिये

अंतरराष्ट्रीय
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बीजिंग: एक जुलाई (ए)) राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को सेना को निर्देश दिया कि वह चीन की संप्रभुता और विकास हितों की रक्षा के लिए अपनी क्षमताओं को विश्व-स्तरीय मानकों तक ले जाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़े।शी, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के अध्यक्ष और सेना प्रमुख भी हैं।

उन्होंने पार्टी के 105वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक सभा में ये टिप्पणियां कीं, जिस दौरान उन्होंने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से अपनी आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।

शी ने 2027 में सेना की 100वीं वर्षगांठ के लिए निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने और सशस्त्र बलों की क्षमताओं को विश्व-स्तरीय मानकों तक ले जाने का प्रयास करने का आह्वान किया। उनके इस कदम को चीनी सेना को व्यापक रूप से हथियारों, उपकरणों और प्रशिक्षण के मामले में अमेरिकी सेना के मानकों के बराबर लाने के तौर पर देखा जा रहा है।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, शी ने चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की मजबूती से रक्षा करने और विश्व शांति व विकास की सुरक्षा में अधिक योगदान देने के प्रयासों का भी आह्वान किया।

उन्होंने ताइवान को चीन की मुख्य भूमि के साथ जोड़ने के बीजिंग के ‘‘अटूट’’ संकल्प के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा कि ताइवान मुद्दे को सुलझाना और चीन का पूरी तरह से एकीकरण करना सीपीसी के लिए एक ऐतिहासिक मिशन और अटूट संकल्प है।

शी ने ‘‘ताइवान की आजादी’’ चाहने वाले अलगाववादियों से लड़ने, बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करने और देश के एकीकरण को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया।

चीन का दावा है कि ताइवान, जो स्वशासन वाला द्वीप है, चीनी मुख्य भूमि का हिस्सा है और वह दूसरे देशों के साथ अपने रिश्तों में ‘‘एक चीन’’ नीति का सख्ती से समर्थन करता है।

शी ने सीपीसी के 105 साल के इतिहास को देश की ‘‘सबसे शानदार गाथा’’ बताया और पार्टी से चीन को एक आधुनिक समाजवादी देश बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।

सीपीसी का गठन 1921 में हुआ था।

शी ने ‘‘भ्रष्टाचार के खिलाफ मुश्किल, लंबी और पूरी ताकत से लड़ी जाने वाली लड़ाई’’ जीतने के लिए लगातार कोशिशों के साथ पार्टी में कड़ा अनुशासन को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

शी ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को अपना मुख्य राजनीतिक एजेंडा बनाया है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे उन्हें अपनी सत्ता मजबूत करने में मदद मिली। इस मुहिम के तहत सेना के बड़े अधिकारियों समेत, 10 लाख से अधिक अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें सजा दी गई।

शी, पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद सीपीसी के ऐसे एकमात्र नेता हैं जो पांच वर्षों के दो कार्यकाल से अधिक समय तक सत्ता में बने हुए हैं और यह उनका तीसरा कार्यकाल है।

आज के कार्यक्रम को अगले साल होने वाले सीपीसी महाधिवेशन की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, जो हर पांच साल पर आयोजित किया जाता है और उसमें नया नेतृत्व चुना जाता है। अक्सर आजीवन राष्ट्रपति कहे जाने वाले शी के चौथी बार पांच साल का कार्यकाल हासिल कर सत्ता में बने रहने की व्यापक संभावना जताई जा रही है।