महात्मा गांधी के जीवन और योगदान को समझें विद्यार्थी : राज्यपाल

उत्तर प्रदेश लखनऊ
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लखनऊ: एक अक्टूबर (ए) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को विद्यार्थियों से स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका को समझने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने यह बात गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर राजभवन में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। गांधी जयंती और शास्त्री जयंती दो अक्टूबर को मनाई जाती हैं।

‘जन भवन’ की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पटेल ने कहा, ”विद्यार्थियों को यह पता होना चाहिए कि गांधी जी ने कौन सा आंदोलन कब शुरू किया, किन परिस्थितियों में शुरू किया, उसका उद्देश्य क्या था और स्वतंत्रता आंदोलन पर उसका क्या प्रभाव पड़ा।”

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को गांधी और शास्त्री के जीवन एवं योगदान के बारे में क्रमबद्ध तरीके से जानकारी दें और उन्हें किसी विषय पर भाषण देने से पहले उस विषय को पूरी तरह समझने के लिए प्रेरित करें।

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों में किसी विषय की समझ विकसित करने के साथ अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

पटेल ने कक्षा 10 में शत-प्रतिशत परिणाम और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं और विशेष अध्ययन की व्यवस्था करने को कहा।

राज्यपाल ने विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, शिक्षकों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने तथा पौष्टिक भोजन और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने और अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने का आह्वान किया।

बयान के अनुसार, कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, विनम्रता, अनुशासन और कर्तव्यबोध पर भी अपने विचार व्यक्त किए।