नई दिल्ली,11 जून (ए)।ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले टैंकरों पर हुए अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मौत हो गई है। अमेरिकी सेना ने आरोप लगाया कि जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था और कई चेतावनियों के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया।
इस घटना के बाद उत्पन्न तनाव और भारतीयों की मौत के मामले में भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया है और नई दिल्ली में अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया गया है। इस बीच गुरूवार को विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।

टैंकर पर कुल 24 भारतीय सवार थे। 21 नाविकों को बचा लिया गया, लेकिन तीन नाविकों- आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश की जान चली गई।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान से जुड़े जहाजों की नाकाबंदी के तहत की गई। टैंकर के इंजन रूम में प्रेसिजन स्ट्राइक (सटीक हमला) की गई, क्योंकि चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था।केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तीन भारतीय नाविकों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। सोनोवाल ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में इस घटना को भारत के लिए बड़ी हानि बताया। उन्होंने लापता नाविकों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार ने संबंधित अधिकारियों को बचाए गए चालक दल की तत्काल वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए देश में लाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।