लंदन: एक अप्रैल (ए)
) ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने बुधवार को कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में ब्रिटेन को ‘‘घसीटा नहीं जाएगा’’ और उन्होंने घोषणा की कि वे इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सभी व्यवहार्य कूटनीतिक तथा राजनीतिक उपायों पर चर्चा करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
स्टार्मर ने डाउनिंग स्ट्रीट में एक प्रेसवार्ता की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाटो पर की गई हालिया टिप्पणियों को ‘‘एक तरह का हल्ला’’ कहकर खारिज करने की कोशिश की।
स्टार्मर का यह कड़ा रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस तीखी बयानबाजी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने नाटो सहयोगियों को युद्ध में साथ न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी.
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने साफ शब्दों में कहा, ‘मुझ पर चाहे जितना भी दबाव बनाया जाए या बाहर कितना भी शोर हो, मैं हमेशा वही फैसले लूंगा जो ब्रिटेन के हित में होंगे. इसलिए मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें नहीं घसीटे जाएंगे.’
स्टार्मर की यह टिप्पणी सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के उन हमलों का जवाब है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों को ‘स्वार्थी’ बताया था. ट्रंप ने हाल ही में इटली और स्पेन द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने से रोकने पर नाराजगी जताई थी और नाटो से बाहर निकलने तक के संकेत दे दिए थे.
मंगलवार को ही ट्रंप ने सीधे तौर पर ब्रिटेन को दो टूक लहजे में कहा था कि अगर ब्रिटेन इस युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं देता, तो भविष्य में अमेरिका उसकी कोई मदद नहीं करेगा. ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा था कि ब्रिटेन को अगर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल लेना है तो वह खुद वहां जाकर उसे खुलवाएं. उन्होंने साथ ही कहा था कि अगर होर्मुज नहीं खुलवा सकते तो अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं.