उन्नाव (उप्र): 23 अगस्त (ए) उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सामने आने के बाद रविवार को विवाद हो गया, जिसमें वह उन्नाव में कथित रूप से राष्ट्रगान के बीच कार्यक्रम से जाते हुए दिख रहे हैं।
महाना ने इस वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि जिस जगह उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, वहां राष्ट्रगान नहीं बजाया गया था।
वायरल वीडियो में महाना को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद राष्ट्रगान सुनाई दे रहा है। इस दौरान महाना तिरंगे को सलामी देकर हाथ जोड़ते हैं और मंच से उतरकर कार में बैठकर वहां से रवाना होते हुए नजर आ रहे हैं।
वीडियो पूरन नगर स्थित एसवीएम इंटर कॉलेज के आस्था सभागार का बताया जा रहा है, जहां महाना शनिवार को प्रधानाचार्य परिषद के अधिवेशन एवं शैक्षिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
महाना ने प्रधानाचार्यों और शिक्षाविदों से अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की और कहा कि शिक्षण संस्थान देश के विकास की नींव हैं और संस्थानों के मजबूत होने से देश मजबूत होगा।
वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। उन्नाव जिला कांग्रेस कमेटी के नेता दिनेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने प्रोटोकॉल के तहत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ लिया और राष्ट्रगान के दौरान वहां से चले गए।
उन्होंने सवाल किया, ”क्या यह राष्ट्रगान का अपमान नहीं है?”
दूसरी ओर, कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि जिस स्थान पर महाना मौजूद थे, राष्ट्रगान वहां से काफी दूरी पर चलाया गया था।
वायरल वीडियो के बारे में पूछे जाने पर महाना ने ‘ बताया कि जिस जगह उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, वहां राष्ट्रगान नहीं बजाया गया था।
महाना ने कहा, “जिस जगह मुझे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, वहां राष्ट्रगान नहीं बजाया गया। जब किसी मेहमान वीआईपी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है, तो तय नियमों के अनुसार राष्ट्रगान नहीं बजाया जाता।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान कार्यक्रम स्थल पर बजाया गया था, लेकिन वह उस जगह पर नहीं थे जहां वह बजाया जा रहा था।
इस मामले को लेकर खुद पर सवाल उठाने वालों से महाना ने कहा, ” जब किसी कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रगान बज रहा होता है तब क्या वहां से गुजरते समय हर कोई रुककर सावधान की मुद्रा में खड़ा हो जाता है?”
बाद में महाना ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक पोस्ट में दो अलग-अलग कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा, ”सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कर ऐसा भ्रामक विश्लेषण किया जा रहा है, मानो राष्ट्रगान के समय हम रुके नहीं। मैं यह पूर्णतः स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ।”
उन्होंने दावा किया, ”उत्तर प्रदेश विधानसभा से लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र तक प्रत्येक अवसर व स्थान पर हमने हमारे कार्यकर्ताओं तथा सहयोगियों ने सदैव संविधान और राष्ट्रगान का सर्वोच्च सम्मान किया है और करते रहेंगे।”
महाना ने मीडिया एवं पत्रकारों से आग्रह करते हुए कहा, ”कृपया तथ्यों की सत्यता की जांच करने के उपरांत ही विषय पर चर्चा करे।”
उधर, समाचार एजेंसी से बात करते हुए उप्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और हिंदू महासभा को चुनौती दी कि वे स्वतंत्रता संग्राम का कोई एक भी ऐसा वीडियो दिखाएं जिसमें वे राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत गाते हुए दिख रहे हों। उन्होंने आरोप लगाया कि जब टेलीविजन पर भाजपा नेताओं से राष्ट्रगीत गाने के लिए कहा जाता है, तो वे अक्सर सवाल टाल देते हैं और कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक बातें करने लगते हैं।
उन्नाव की घटना का ज़िक्र करते हुए राय ने कहा कि महाना एक वरिष्ठ विधायक, विधानसभा अध्यक्ष पद पर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान जब राष्ट्रगान बज रहा था, तो महाना अपनी गाड़ी से उतरे, कुछ लोगों ने उनके पैर छुए, और फिर वे वापस अपनी कार में बैठकर चले गए।
राय ने इस घटना को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान बताया और आरोप लगाया कि भाजपा राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दे मुख्य रूप से राजनीतिक मकसद से और देश के सामने मौजूद अहम मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए उठाती है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा, ” हर किसी को प्रमाणपत्र देने वाली भाजपा अब उनके बारे में क्या कहेगी?”
सपा के एक और प्रवक्ता मनोज यादव ने समाचार एजेंसी को बताया कि महाना ने सलामी ली और फिर मुड़कर “लेफ्ट-राइट” (परेड) के अंदाज़ में चले गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लग रहा था कि महाना न तो राष्ट्रगान पर ध्यान दे रहे थे और न ही अपने आस-पास के हालात पर।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस घटना को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
