कराची: 21 अप्रैल (ए)
) पाकिस्तान को सऊदी अरब से एक अरब डॉलर की दूसरी एवं अंतिम किस्त प्राप्त हुई है। यह तीन अरब डॉलर के सहायता पैकेज का हिस्सा है जिसका उद्देश्य उसके विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान के लिए तीन अरब डॉलर जमा करने की प्रतिबद्धता जताई थी और अपनी मौजूदा पांच अरब डॉलर की सुविधा को तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया था।
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने सोशल मीडिया के जरिये इसकी पुष्टि की और लिखा कि उसे सऊदी अरब से दूसरी किस्त प्राप्त हो गई है जिससे पिछले सप्ताह मिले दो अरब डॉलर के बाद कुल तीन अरब डॉलर का लेनदेन पूरा हो गया।
बैंक ने कहा, ‘‘ स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को 20 अप्रैल 2026 की मूल्य तिथि पर सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय से एक अरब डॉलर की राशि प्राप्त हुई है।’’
यह नया ऋण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सऊदी अरब यात्रा के बाद मिला है जहां उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए थे।
इसके साथ ही सऊदी अरब, केंद्रीय बैंक में कुल आठ अरब डॉलर की नकद जमा रखने वाला सबसे बड़ा एकल देश बन गया है।
सऊदी अरब ने यह जमा ऐसे समय पर करने पर सहमति जताई है जब पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 3.5 अरब डॉलर का ऋण लौटाना था।
पाकिस्तान ने ऋण को आगे बढ़ाने के लिए समझौता करने में विफल रहने पर संयुक्त अरब अमीरात को दो अरब डॉलर पिछले सप्ताह लौटा दिए थे।
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 1.2 अरब डॉलर के ऋण के जरिये अपने विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर बनाए रखने की भी कोशिश कर रहा है लेकिन इसके लिए उसे अधिकारियों के स्तर पर तैयार ऋण कार्यक्रम के लक्ष्यों को पूरा करना होगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 27 मार्च तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था जो लगभग तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त है।