वाशिंगटन: 14 अप्रैल (ए)

) अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने के लिए इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के दौरान हमने काफी प्रगति की और अब बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अगला कदम तेहरान को उठाना है।अमेरिका और ईरान सप्ताहांत में इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली लंबी शांति वार्ता के बाद किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। अमेरिका का कहना था कि तेहरान ने परमाणु ईंधन संवर्धन रोकने संबंधी शर्त को मानने से इनकार कर दिया।
वेंस ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि चीजें गलत हुईं बल्कि मैं मानता हूं कि चीजें सही हुईं। हमने काफी प्रगति की।’’
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘वे हमारी दिशा में बढ़े। इसी वजह से मुझे लगता है कि हम कह सकते हैं कि हमें कुछ अच्छे संकेत मिले, लेकिन वे पर्याप्त आगे नहीं बढ़े।’’
वेंस ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई इस वार्ता में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में उसकी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे।
वेंस ने जोर देकर कहा कि अगर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर अमेरिका की ‘‘सीमाओं’’ का पालन किया जाता है तो ‘‘यह दोनों देशों के लिए बहुत, बहुत अच्छा समझौता हो सकता है।’’
वेंस ने कहा, ‘‘क्या हमारी आगे और बातचीत होगी, क्या हम किसी समझौते तक अंततः पहुंचेंगे? मुझे लगता है कि गेंद अब ईरान के पाले में है।’’
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता अंततः इसलिए समाप्त हो गई क्योंकि ईरानी वार्ताकार किसी समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से यह समझने में मदद मिली कि तेहरान में निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह समझ आया कि वहां मौजूद टीम समझौता करने में असमर्थ थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें तेहरान लौटना पड़ा ताकि या तो सर्वोच्च नेता से या किसी और से उन शर्तों पर मंजूरी ली जा सके जो हमने तय की थीं।’’
वेंस ने कहा कि वह इस बात पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘‘शत प्रतिशत’’ सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर राष्ट्रपति ट्रंप से शत प्रतिशत सहमत हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए… अगर वे पूरी दुनिया के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद फैलाने को तैयार हैं तो सोचिए कि अगर तेहरान के पास परमाणु बम हो तो इसका क्या मतलब होगा और उनके पास क्या ताकत होगी।’’
वेंस ने कहा कि यह पहली बार था जब अमेरिका और ईरान की सरकारें इतने उच्च स्तर पर मिलीं। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मेरा मानना है कि यह सकारात्मक बात है और हमने बातचीत में कुछ प्रगति की।’’
उन्होंने साथ ही कहा कि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ‘‘पीड़ादायक’’ है लेकिन यह हमेशा नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि अमेरिकी लोग परेशान हैं और यही वजह है कि हम इतनी सक्रियता से बातचीत कर रहे हैं ताकि ऊर्जा कीमतों में कमी लाई जा सके। हम इस पर काम जारी रखेंगे।’’