ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ायी, शहबाज शरीफ ने अमेरिका का आभार जताया

अंतरराष्ट्रीय
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वाशिंगटन/इस्लामाबाद: 22 अप्रैल (ए))पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने पर ट्रंप का आभार जताया और उम्मीद जतायी कि दोनों पक्ष “व्यापक शांति समझौते” तक पहुंचेंगे।

ट्रंप की घोषणा के बाद शरीफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने देने के लिए युद्धविराम बढ़ाने के हमारे अनुरोध को स्वीकार किया।’’

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर जताए गए ‘‘विश्वास और भरोसे के साथ वह बातचीत से संघर्ष के समाधान के लिए गंभीर प्रयास जारी रखेगा।’’

शरीफ ने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करना जारी रखेंगे और इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के दूसरे दौर के दौरान संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए एक व्यापक ‘शांति समझौते’ पर पहुंचने में सक्षम होंगे।’’

इस बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात स्थित 14 व्यक्तियों, संस्थाओं और विमानों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। उन पर ईरानी शासन की ओर से हथियार या हथियारों के पुर्जों की खरीद-फरोख्त और उनके परिवहन में शामिल होने का आरोप है।

बेसेंट ने कहा, ‘‘ईरानी शासन को वैश्विक ऊर्जा बाजारों से जबरन लाभ उठाने और मिसाइलों व ड्रोन से नागरिकों को निशाना बनाने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’’

उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खार्ग द्वीप स्थित तेल भंडारण केंद्र कुछ ही दिनों में भर सकते हैं, जिससे तेल कुओं को बंद करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरान के समुद्री व्यापार पर रोक सीधे उसके राजस्व के मुख्य स्रोतों पर चोट है।’’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘अमेरिकी वित्त मंत्रालय ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ (आर्थिक प्रहार) के जरिए अधिकतम दबाव बनाए रखेगा, ताकि तेहरान की धन जुटाने, भेजने और वापस लाने की क्षमता को कमजोर किया जा सके। कोई भी व्यक्ति या जहाज जो गुप्त व्यापार या वित्त के जरिए इसमें मदद करेगा, वह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आएगा।’’

अमेरिका ने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए नाकेबंदी का सहारा लिया है, ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ खत्म करे। यह अहम समुद्री मार्ग है, जिससे शांति काल में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल गुजरता था।

इस जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ के कारण तेल कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

शांति समझौते के लिए दूसरे दौर की वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण पाकिस्तान ने युद्धविराम बढ़ाने का आग्रह किया था। यह वार्ता अब भी इसी सप्ताह बाद में होने की उम्मीद है।

फिर भी अगले दौर की बातचीत की तारीख को लेकर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। प्रस्तावित वार्ता की तैयारियों के तहत पाकिस्तान ने 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती समेत व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

इस्लामाबाद में 11 और 12 अप्रैल को हुई अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका, जिसके बाद मेजबान पाकिस्तान ने तनाव कम करने तथा एक और दौर की बातचीत की उम्मीद फिर से जगाने के लिए तेज कूटनीतिक प्रयास शुरू किए।

वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने मंगलवार को दोनों पक्षों से दो सप्ताह के युद्धविराम को बढ़ाने और कूटनीति को मौका देने की अपील की।

ईरान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के साथ हुई थी।