पटना, 25 सितंबर (ए) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमुई जिले में कुछ दिन पहले छेड़छाड़ की शिकार हुई एक नाबालिग लड़की की पहचान कथित रूप से उजागर करने को लेकर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आलोचना की।
अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता अपने परिजनों के साथ बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री से मिलने पटना पहुंची, जहां उन्होंने परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने तथा स्पीडी ट्रायल के जरिए एक महीने के भीतर सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की थी, जिसे कुछ ही देर बाद हटा लिया गया।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने सम्राट चौधरी को “मूर्ख और अयोग्य” बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
गौरतलब है कि शनिवार शाम जमुई में कोचिंग से लौट रहे एक किशोर और नाबालिग लड़की को कुछ युवकों ने रास्ते में रोक लिया था। दोनों को घेरकर पूछताछ की गई और किशोरी के साथ मारपीट तथा छेड़छाड़ की गई, जिसके बाद उन्हें जाने दिया गया।
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पॉक्सो कानून का उल्लंघन किया है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
राजद सांसद मीसा भारती ने भी वही स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बिहार पुलिस से मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर पुलिस पीड़िता की निजता भंग करने के आरोप में वायरल वीडियो साझा करने वालों पर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने स्वयं नाबालिग की पहचान उजागर कर दी।
इस विवाद पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
